MP Health Department: स्वास्थ्य विभाग की तत्परता; नवजात को 2 घंटे में इंदौर से अहमदाबाद ले गई एयर एंबुलेंस
उज्जैन: मध्य प्रदेश के देवास में जन्मे एक नवजात को गंभीर हृदय रोग होने की खबर मिलते ही मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने जो तत्परता दिखाई, वह एक मिसाल बन गई है। उज्जैन में भर्ती इस नवजात मासूम को तत्काल विशेषज्ञ उपचार की जरूरत थी। बच्चे को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से कदम उठाया और पहले उसे सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचाया। यहां से ‘पीएम श्री एयर एंबुलेंस’ (PM Shri Air Ambulance) के जरिए करीब 2 घंटे में उसे अहमदाबाद के एक बड़े अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।
🚁 एयर एंबुलेंस से 2 घंटे में अहमदाबाद पहुंचा मासूम
देवास के गांव जमुणी निवासी धीरज का 1 दिन का बेटा गंभीर हृदय बीमारी से जूझ रहा है। जन्म के बाद बच्चे को उज्जैन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर अशोक कुमार पटेल को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉक्टर अशोक कुमार पटेल और पीएम श्री एयर एंबुलेंस के नोडल अधिकारी डॉक्टर आदित्य माथुर ने तत्काल समन्वय स्थापित किया। बिना समय गंवाए नवजात को एंबुलेंस से उज्जैन से इंदौर ले जाया गया और इसके बाद यहां से पीएम श्री एयर एंबुलेंस से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी गई। करीब 2 घंटे की यात्रा के बाद नवजात को गुजरात के एक अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां उसके गंभीर हृदय रोग के उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इतनी कम उम्र और गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचना बेहद कठिन था, जिसे एयर एंबुलेंस ने मुमकिन कर दिखाया।
💳 आयुष्मान कार्ड से हो रहा नवजात का निशुल्क उपचार
परिजनों के पास आयुष्मान कार्ड होने के कारण पात्रता के अनुसार नवजात के उपचार और संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पूरी तरह निशुल्क मिल रहा है। पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा का मुख्य उद्देश्य भी गंभीर मरीजों को जरूरत के मुताबिक तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाना है। सीएमएचओ डॉक्टर अशोक कुमार पटेल ने बताया, “नवजात को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से अहमदाबाद भेजा गया है। परिजनों के पास आयुष्मान कार्ड है, जिससे बच्चे का पूरा उपचार निशुल्क हो रहा है।”