Canada Work Permit New Rules: बिना स्टडी परमिट 6 महीने तक कोर्स कर सकेंगे विदेशी कामगार, IRCC ने जारी की नई पॉलिसी
कनाडा में वर्क परमिट पर कार्यरत विदेशी नागरिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब पात्र वर्क परमिट होल्डर्स को लघु अवधि की पढ़ाई अथवा कौशल विकास प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के लिए अलग से स्टडी परमिट के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। कनाडा के आव्रजन विभाग (IRCC) ने 9 सितंबर 2026 को इस संबंध में एक नई अस्थायी सार्वजनिक नीति की घोषणा की है।
इस नई व्यवस्था के तहत कनाडा में पहले से मौजूद पात्र विदेशी कामगार बिना स्टडी परमिट के 6 माह की अवधि तक के कोर्स या ट्रेनिंग में दाखिला ले सकते हैं। हालांकि, यदि किसी कामगार का मौजूदा वर्क परमिट 6 महीने से पहले समाप्त हो जाता है, तो उसकी पढ़ाई की विधिक अनुमति भी उसी तारीख तक मान्य रहेगी।
📚 किन कोर्सेज पर लागू होगा नियम? शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग और लाइसेंसिंग प्रोग्राम को प्राथमिकता
पात्र पाठ्यक्रमों का दायरा और शर्तें:
-
लघु अवधि के कोर्स: यह विशेष छूट हर प्रकार की दीर्घकालिक डिग्री के लिए लागू नहीं होगी। इसका मुख्य लाभ 6 महीने या उससे कम समय में पूरे होने वाले शॉर्ट-टर्म कोर्सेज, व्यावसायिक ट्रेनिंग और लाइसेंसिंग प्रोग्राम्स पर ही मिलेगा।
-
स्किल अपग्रेड करने का अवसर: विदेशी कामगार अपने मौजूदा रोजगार को जारी रखते हुए अपने तकनीकी ज्ञान को निखारने के लिए जरूरी सर्टिफिकेशन हासिल कर सकेंगे।
-
अलग से आवेदन नहीं: निर्धारित अवधि के इन पाठ्यक्रमों के लिए इमिग्रेशन विभाग से अतिरिक्त अनुमति या स्टडी वीजा लेने का झंझट समाप्त कर दिया गया है।
💼 नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं: हेल्थकेयर, ट्रेड्स और तकनीकी प्रोफेशनल्स को सीधा लाभ
कामकाजी पेशेवरों को मिलने वाले फायदे:
-
जॉब के साथ ट्रेनिंग: इस नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि श्रमिकों को अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए जॉब से इस्तीफा नहीं देना पड़ेगा। वे काम के साथ-साथ अपनी प्रोफेशनल योग्यता बढ़ा सकते हैं।
-
प्राथमिकता वाले सेक्टर: आईआरसीसी ने स्पष्ट किया है कि ट्रेड्सपर्सन, नर्स, मेडिकल स्टाफ और लैबोरेटरी टेक्नीशियन जैसे इन-डिमांड प्रोफेशनल्स को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।
-
उद्योगों की मांग पूर्ति: इससे स्थानीय स्तर पर काम कर रहे कामगारों को कनाडाई मानकों के अनुरूप तेजी से सर्टिफाइड होने में मदद मिलेगी।
🇮🇳 भारतीय कामगारों पर प्रभाव: प्रोफाइल होगी मजबूत, लेकिन सीधे नहीं मिलेगी PR
भारतीयों के लिए अवसर और वास्तविकता:
-
भारतीय युवाओं को मौका: कनाडा में लाखों भारतीय पेशेवर वर्क परमिट पर कार्यरत हैं। यह नीति उन्हें अपनी योग्यता बढ़ाकर बेहतर पद और सैलरी पाने का मंच उपलब्ध कराती है।
-
स्थायी निवास (PR) पर स्थिति: यह बात समझना आवश्यक है कि सिर्फ इस पॉलिसी के तहत कोई शॉर्ट-टर्म कोर्स करने से सीधे तौर पर पक्की नागरिकता (PR) हासिल नहीं होगी।
-
इमिग्रेशन मानक बरकरार: पीआर प्राप्त करने के लिए पूर्व निर्धारित इमिग्रेशन पाथवे और उनकी सभी अनिवार्य पात्रता शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।
📊 क्या PR के लिए मिलेंगे अतिरिक्त अंक? एक्सप्रेस एंट्री पर कोई स्वतः लाभ नहीं
अंक प्रणाली और पीजीडब्ल्यूपी की स्थिति:
-
स्वतः अंक नहीं: केवल इस छूट के अंतर्गत शॉर्ट-टर्म कोर्स कर लेने से एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) या प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) में अपने-आप कोई अतिरिक्त प्वाइंट्स नहीं जुड़ेंगे।
-
इनडायरेक्ट फायदा: यदि कोर्स या लाइसेंसिंग की बदौलत पदोन्नति मिलती है या बेहतर अनुभव प्राप्त होता है, तो आगे चलकर प्रोफाइल मजबूत की जा सकती है।
-
PGWP का अधिकार नहीं: बिना स्टडी परमिट के किए गए इन 6 महीने के कोर्सेज के आधार पर किसी भी प्रकार के पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) का दावा नहीं किया जा सकेगा।
⏳ 31 दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी पॉलिसी: नए लोगों के कनाडा आने का रास्ता नहीं
नीति की वैधता और सीमाएं:
-
अंतिम समय-सीमा: आईआरसीसी के अनुसार यह अस्थायी व्यवस्था 31 दिसंबर 2027 तक प्रभाव में रहेगी। इसके बाद विभाग इसकी प्रभावशीलता की समीक्षा करेगा।
-
मौजूदा वीजाधारकों के लिए: यह नीति भारत या अन्य देशों से कनाडा आने के लिए कोई नया वीजा या फ्रेश वर्क परमिट रूट नहीं बनाती है।
-
उद्देश्य: इसका लाभ केवल उन्हीं विदेशी नागरिकों को मिलेगा जो वैध वर्क परमिट के साथ वर्तमान में कनाडा के भीतर शारीरिक रूप से मौजूद हैं। इसका मुख्य उद्देश्य देश में पहले से मौजूद विदेशी श्रमबल की दक्षता को बढ़ाना है।