अकबरनगर स्टेशन पर दिल दहला देने वाला हादसा: बीमार बेटी को डॉक्टर के पास ले जा रहा परिवार ट्रेन से कटा
भागलपुर (बिहार): बिहार के भागलपुर जिले स्थित अकबरनगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक अत्यंत दर्दनाक रेल हादसा घटित हुआ।
बांका जिले के भिट्ठी गांव निवासी सुबोध मंडल (40) अपनी पत्नी पूनम देवी (35) और चार वर्षीय बीमार बेटी राधिका को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के चिकित्सक के पास ले जा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि शहर में उचित चिकित्सीय परामर्श से मासूम बच्ची का स्वास्थ्य जल्द ठीक हो जाएगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अकबरनगर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 1 की ओर जाते समय यह पूरा परिवार ट्रेन की सीधी चपेट में आ गया। इस हृदयविदारक हादसे में सुबोध और उनकी पत्नी पूनम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चार साल की राधिका ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
⚠️ मालगाड़ी की गड़गड़ाहट में नहीं सुनाई दी पैसेंजर ट्रेन की आवाज: ट्रैक पार करते समय हुआ भीषण हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बयां किया गया घटनाक्रम:
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गोद में मासूम को लेकर बढ़ रहे थे आगे: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबोध और पूनम अपनी अस्वस्थ बेटी को गोद में उठाकर जल्दबाजी में प्लेटफॉर्म संख्या 1 की तरफ बढ़ रहे थे।
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मालगाड़ी के शोर में दबा हॉर्न: उसी दौरान अप लाइन ट्रैक से एक तेज रफ्तार मालगाड़ी भारी शोर और गड़गड़ाहट के साथ गुजर रही थी। मालगाड़ी की आवाज के बीच परिवार ने डाउन ट्रैक को पार करने का प्रयास किया।
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अचानक सामने आ गई बर्दवान पैसेंजर: उसी क्षण डाउन लाइन पर बर्दवान पैसेंजर ट्रेन तीव्र गति से आ पहुंची। मालगाड़ी के भारी शोर के चलते परिवार को पैसेंजर ट्रेन के हॉर्न का आभास नहीं हुआ और उन्हें संभलने अथवा पीछे हटने का तनिक भी अवसर नहीं मिला।
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मौके पर ही दो की मौत: ट्रेन की टक्कर इतनी भीषण थी कि दंपती ने ट्रैक पर ही दम तोड़ दिया, जिससे स्टेशन परिसर में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई।
💔 मायागंज अस्पताल में मासूम राधिका ने भी तोड़ा दम: भिट्ठी गांव में पसरा गहरा मातम
अस्पताल में उपचार और परिजनों का विलाप:
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गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया: दुर्घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी (GRP), आरपीएफ (RPF) और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। बच्ची राधिका उस वक्त सांसें ले रही थी, जिसे फौरन भागलपुर के मायागंज अस्पताल में आपातकालीन उपचार के लिए भेजा गया।
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जिंदगी की जंग हारी मासूम: चिकित्सकों की टीम ने गहन प्रयास किए, परंतु अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर आंतरिक चोटों के कारण बच्ची को बचाया नहीं जा सका।
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गांव में पसरा शोक: जिस बीमार बच्ची के जीवन की रक्षा के लिए माता-पिता घर से निकले थे, उसके सहित पूरे परिवार के एक साथ खत्म हो जाने से बांका स्थित उनके पैतृक गांव भिट्ठी में मातम पसरा हुआ है।
⏱️ 2 घंटे 22 मिनट तक पूरी तरह बाधित रहा डाउन ट्रैक: गरीब रथ और इंटरसिटी फंसी रहीं
ट्रेनों के परिचालन और यात्रियों की स्थिति:
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ट्रैक पर शव होने से रोकी गईं ट्रेनें: अकबरनगर के स्टेशन मास्टर संजय साह के अनुसार, ट्रैक पर शव बिखरे होने और वैधानिक कागजी कार्रवाई के कारण डाउन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन लगभग 2 घंटे 22 मिनट तक पूर्णतः ठप रहा।
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कई प्रमुख ट्रेनें फंसी रहीं: इस अवरोध के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस को बरियारपुर स्टेशन पर रोके रखा गया, जबकि दानापुर-साहिबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी जमालपुर स्टेशन पर काफी देर तक खड़ी रही।
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दोपहर में बहाल हुआ यातायात: ट्रैक का मुआयना करने और शवों को पंचनामे के बाद हटाने पर सुबह 11:52 बजे रेल परिचालन को पुनः सुचारु किया जा सका।
🔍 रेलवे और जीआरपी ने शुरू की जांच: ट्रैक पार करने को लेकर सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रशासनिक तफ्तीश और सुरक्षा ऑडिट:
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परिस्थितियों की जांच: रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है कि आखिर परिवार अनाधिकृत रूप से डाउन ट्रैक तक कैसे पहुंचा और उस समय स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज (FOB) के उपयोग को लेकर क्या व्यवस्था थी।
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सुरक्षा मानकों पर सवाल: इस भयावह घटना ने एक बार फिर यात्रियों द्वारा शॉर्टकट अपनाने और रेलवे ट्रैक पार करने की गंभीर लापरवाही को उजागर किया है, जिसको लेकर रेलवे ने सख्त एडवाइजरी जारी करने की बात कही है।