रोहतक (हरियाणा): जिले में अवैध नशे के कारोबार और मेडिकल नशे पर अंकुश लगाने के लिए ड्रग विभाग और नारकोटिक्स विभाग (ANC) की संयुक्त टीमों ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है।
इस विशेष मुहिम के तहत टीमों ने जिले के विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोरों पर देर रात तक सघन छापेमारी की। इसी कड़ी में मदीना गांव में ड्रग इंस्पेक्टर मंदीप मान के नेतृत्व में पुलिस और नारकोटिक्स की संयुक्त टीम ने दो प्रमुख दवा दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। टीम की यह जांच कार्रवाई देर रात तक चलती रही, जिसमें दुकानों में मौजूद दवाइयों के भौतिक स्टॉक, खरीद-बिक्री बिलों और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।
💊 भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद: मदीना की दुकान में मिलीं प्रतिबंधित दवाइयां
छापेमारी और जब्ती से जुड़ी प्रमुख जानकारियां:
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ANC की ताबड़तोड़ रेड: एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की टीम ने रोहतक जिले के अलग-अलग गांवों और शहर के व्यस्त बाजारों में स्थित केमिस्ट की दुकानों पर एक साथ दबिश दी।
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नशीली गोलियों की बरामदगी: जांच पड़ताल के दौरान विभिन्न संदिग्ध दुकानों से भारी मात्रा में नशीली और प्रतिबंधित श्रेणी की गोलियां बरामद की गईं।
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नियम विरुद्ध बिक्री पर रोक: मदीना गांव स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच के दौरान अवैध रूप से रखी गई प्रतिबंधित दवाइयां मिलने की पुष्टि हुई।
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संचालकों को सख्त निर्देश: ड्रग विभाग की टीम ने संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट हिदायत दी कि बिना वैध डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) और तय नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार की शेड्यूल या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री कतई न की जाए।
⚠️ ‘युवाओं तक नशा पहुंचने नहीं देंगे’: ड्रग इंस्पेक्टर मंदीप मान ने दी सख्त चेतावनी
प्रशासनिक रुख और भविष्य की रणनीति:
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लगातार जारी रहेगा अभियान: ड्रग इंस्पेक्टर मंदीप मान ने मीडिया को बताया कि जिले को नशामुक्त बनाने के संकल्प के तहत यह सर्च और इंस्पेक्शन अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।
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औचक निरीक्षण पर जोर: विभाग की विशेष टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के मेडिकल स्टोरों पर अचानक पहुंचकर जांच करेंगी, जिससे अवैध और प्रतिबंधित दवाओं की कालाबाजारी को पूरी तरह रोका जा सके।
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हड़कंप का माहौल: स्वास्थ्य और नारकोटिक्स विभाग की इस संयुक्त व अचानक हुई कार्रवाई से जिले भर के मेडिकल स्टोर संचालकों और केमिस्ट एसोसिएशन में हड़कंप मच गया।
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लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी: अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और एनडीपीएस नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस तत्काल निलंबित या रद्द किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।