छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 24 साल पुराने भ्रष्टाचार केस में दोषी कर्मचारी की अपील खारिज, सजा बरकरार

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर ने भ्रष्टाचार से जुड़े लगभग 24 वर्ष पुराने एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में दोषी करार दिए गए सरकारी कर्मचारी की अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने विशेष न्यायालय द्वारा वर्ष 2002 में सुनाई गई दोषसिद्धि और कारावास की सजा को यथावत बरकरार रखा है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी के विरुद्ध अवैध रिश्वत की मांग और उसे मौके पर स्वीकार किए जाने के तथ्य पर्याप्त, ठोस एवं विश्वसनीय साक्ष्यों के माध्यम से पूरी तरह सिद्ध पाए गए हैं।

💼 मेडिकल लीव और रुके वेतन के बदले घूस: ₹10 हजार रिश्वत मांगने का था मामला

घटनाक्रम और शिकायत की पृष्ठभूमि:

  • वर्ष 1999 का मामला: अभियोजन के अनुसार, शिकायतकर्ता कर्मचारी ने चिकित्सा उपचार के लिए विधिवत अवकाश लिया था, किंतु उसका अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया।

  • वेतन रोकने की कार्रवाई: इसके साथ ही फरवरी, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 1999 के 15 दिनों का वेतन भी रोक दिया गया था।

  • रिश्वत की मांग: रुके हुए वेतन को जारी कराने और अवकाश की स्वीकृति संबंधी फाइल आगे बढ़ाने के एवज में आरोपी कर्मचारी ने कथित तौर पर ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹5,000 तत्काल और शेष राशि बाद में देने का दबाव बनाया गया था।

🚨 लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई: जेब से बरामद हुए थे केमिकल लगे चिह्नित नोट

ट्रैप दल की कार्रवाई और साक्ष्य:

  • लोकायुक्त में शिकायत: पीड़ित ने रिश्वत देने से स्पष्ट इनकार करते हुए लोकायुक्त पुलिस में विधिवत शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक सत्यापन के दौरान बातचीत की टेप रिकॉर्डिंग कराई गई।

  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: ट्रैप योजना के तहत शिकायतकर्ता ने आरोपी को बताया कि वह केवल ₹4,000 की व्यवस्था कर पाया है। जैसे ही आरोपी ने यह राशि लेकर अपनी जेब में रखी, लोकायुक्त की टीम ने संकेत मिलते ही उसे दबोच लिया।

  • रासायनिक परीक्षण पॉजिटिव: तलाशी के दौरान आरोपी की जेब से वही चिह्नित नोट बरामद हुए तथा उसके हाथों और कपड़ों की रासायनिक जांच (केमिकल टेस्ट) में भी फिनॉफ्थलीन का सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुआ।

🏛️ बचाव पक्ष की दलीलें खारिज: साक्ष्यों की पुष्टि के आधार पर हाईकोर्ट का अहम फैसला

न्यायालय का विधिक निष्कर्ष:

  • वैज्ञानिक जांच की दलील अस्वीकृत: बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि टेप रिकॉर्डिंग की वैज्ञानिक जांच नहीं कराई गई थी, किंतु अदालत ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अभियोजन का मामला केवल रिकॉर्डिंग पर आधारित नहीं था।

  • साक्ष्यों की मजबूत कड़ी: कोर्ट ने रेखांकित किया कि शिकायतकर्ता की गवाही, रंगे हाथों नोटों की जब्ती, ट्रैप कार्रवाई और रासायनिक परीक्षण के प्रमाण एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं।

  • सुप्रीम कोर्ट के नजीर का हवाला: अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘नीरज दत्ता’ सहित अन्य फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि रिश्वत की मांग और स्वीकृति भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्य आधार हैं, जो यहां पूर्णतः सिद्ध हैं।

  • सजा का विवरण: विशेष न्यायालय ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 1 वर्ष और धारा 13(1)(d) सहपठित 13(2) के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने यथावत कायम रखा।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     मणिपुर प्रशासनिक फेरबदल: कुकी-नागा तनाव के बीच IAS राजीव सिंह ठाकुर संभाल सकते हैं कमान, ACC ने दी मंजूरी     |     जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का नया पैंतरा: सर्विलांस से बचने के लिए अश्लील साइट्स और Tor आधारित सीक्रेट ऐप्स का इस्तेमाल     |     हल्द्वानी में खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर भड़कीं प्रियंका गांधी: ‘पीएम मोदी सच में संविधान मानते हैं तो कराएं FIR दर्ज’     |     दिल्ली में BRICS समिट ने बढ़ाई होटलों की डिमांड: 25% तक बढ़े एवरेज रूम रेट्स, टूरिस्ट्स और बिजनेस ट्रैवलर्स की बढ़ीं मुश्किलें     |     तुकाराम मुंढे के एक्शन पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: ‘अधिकारी न कानून जानते हैं, न नियम’; 11 मामलों में FDA के आदेश पर रोक     |     शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसली महिला: प्लेटफॉर्म गैप में फंसी, RPF के ASI ने खींचकर बचाई जान     |     ‘दिल्लीवालों पर ही महंगा बोझ क्यों?’; CNG की कीमतों में भारी उछाल पर कांग्रेस का हमला, तत्काल रोलबैक की मांग     |     ‘अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखा’; जयंत चौधरी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- कुछ लोग फैला रहे जातिगत नफरत     |     लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या: दुबग्गा नहर से मिला शव, STF जांच में जुटी     |     गर्लफ्रेंड के शौक के लिए बरेली में दो भाइयों ने लूटा ऑटो: सिर पर 2 किलो का बाट मारकर किया लहूलुहान     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें