शिमला (हिमाचल प्रदेश): राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और सार्वजनिक परिवहन को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में हिमाचल प्रदेश सरकार ने कई दूरगामी फैसले लिए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को मंडी जिले के लिए 25 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 1,000 नई बसों की खरीद से जुड़ी फाइल को मंजूरी देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में 300 ई-बसें दी जा चुकी हैं और जल्द ही 200 अत्याधुनिक हाइड्रोजन बसें भी शामिल होंगी, जो सिंगल चार्ज में 300 से 380 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम होंगी।
💼 12 साल का मेंटेनेंस टेंडर जारी, अगले 5 वर्षों में मुनाफे में आएगी HRTC
एचआरटीसी की कार्यप्रणाली और दक्षता सुधारने के लिए नई बसों के 12 वर्षों के मेंटेनेंस का टेंडर जारी कर भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है।
व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत यदि बसें तकनीकी कारणों से खराब होती हैं तो संबंधित कंपनियों पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बेहतर ईंधन दक्षता और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख अंतरराज्यीय रूटों पर संचालन के सुदृढ़ीकरण से घाटे में चल रही HRTC अगले 5 वर्षों के भीतर पूरी तरह लाभ की स्थिति में पहुंच जाएगी।
💰 युवाओं को ई-बस खरीद पर 50% सब्सिडी, छात्रों को ₹5 में पास और महिलाओं को 50% छूट
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजनाओं की रूपरेखा रखी:
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ई-बस सब्सिडी योजना: इलेक्ट्रिक बस खरीदने वाले युवाओं को 50% सरकारी सब्सिडी के साथ-साथ 5 वर्षों तक ₹80,000 प्रति माह की निश्चित सहायता राशि दी जाएगी।
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डीजल बस सहायता: डीजल बस खरीदने पर 30% सब्सिडी और ₹50,000 प्रति माह की सहायता का प्रावधान रखा गया है।
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विद्यार्थी कल्याण: कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को मात्र ₹5 प्रतिदिन की दर से रियायती बस पास सुविधा जारी रहेगी।
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महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी बसों में किराए पर 50% की छूट निरंतर लागू रहेगी।
📊 कर्मचारियों का पे-एरियर जारी, वित्तीय चुनौतियों के बीच पेंशन-वेतन निर्बाध
कर्मचारियों के वित्तीय लाभों और विपक्ष के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद कर्मियों के हितों से समझौता नहीं किया गया है।
चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का पूरा पे-एरियर जारी कर दिया गया है, जबकि तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के लिए 35% और प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए 15% एरियर भुगतान को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार से विरासत में मिली 10,000 करोड़ रुपये की देनदारियों और केंद्र से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने के बावजूद राज्य सरकार बिना किसी कर्मचारी का वेतन या पेंशन रोके अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला रही है।
📉 नौकरशाही में फिजूलखर्ची पर प्रहार: IAS, IPS और IFS कैडर में सीधी कटौती का ऐलान
सुशासन और प्रशासनिक मितव्ययिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने शीर्ष नौकरशाही के कैडर पदों में बड़ी कटौती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है:
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IAS कैडर: स्वीकृत 153 पदों को घटाकर वर्तमान में 130 किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 100 से 110 के बीच लाया जाएगा।
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IFS कैडर: वन सेवा के 118 स्वीकृत पदों को घटाकर 83 किया जा रहा है।
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IPS कैडर: पुलिस सेवा के 96 स्वीकृत पदों में भी आवश्यक कटौती की जा रही है।
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केंद्रीय प्रतिनियुक्ति: दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की फाइलों को बिना विलंब तुरंत अनापत्ति (NOC) दी जा रही है।
सरकार के अनुसार, प्रशासनिक पदों और बेवजह के खर्चों में कटौती से राज्य के राजकोष को प्रतिवर्ष लगभग ₹200 करोड़ की सीधी बचत होगी, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किया जाएगा।
🏫 प्रियंका गांधी के दौरे पर स्थिति स्पष्ट: आपदा प्रभावित स्कूल का करेंगी उद्घाटन
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के आगामी हिमाचल दौरे पर चल रही राजनीतिक अटकलों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली या चुनावी दौरा नहीं है।
वे पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदा के दौरान जनता से किए गए वादे के तहत नवनिर्मित स्कूल भवन का उद्घाटन करने और बच्चों से सीधा संवाद करने आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी औपचारिक राजनीतिक जनसभाएं सितंबर माह में सोलन जिले से प्रस्तावित हैं।