पंजाब पुलिस सांझ केंद्र न्यू रूल्स: डेटा प्राइवेसी के चलते आधार पर रोक, एसएसपी रूपनगर मनिंदर सिंह ने की पुष्टि
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने राज्य भर के सभी सांझ केंद्रों (Saanjh Kendras) में पहचान और आवासीय पते के आधिकारिक प्रमाण के रूप में आधार कार्ड स्वीकार करना तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता (Data Privacy) को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं के उपरांत लिया गया है।
🔒 बायोमेट्रिक डेटा व निजी जानकारी की सुरक्षा पर पड़ सकता था असर, अब वोटर ID व ड्राइविंग लाइसेंस होंगे मान्य
प्राप्त विवरण के अनुसार, पंजाब पुलिस मुख्यालय ने राज्य के समस्त जिला पुलिस कप्तानों एवं सांझ केंद्रों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आदेशानुसार, अब पुलिस से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने अथवा अन्य प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उठाने हेतु नागरिकों को मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), ड्राइविंग लाइसेंस (DL), पासपोर्ट अथवा अन्य मान्यता प्राप्त वैध सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यूआईडीएआई (UIDAI) के अनुसार, आधार से संबंधित संवेदनशील जानकारी केवल अधिकृत और उच्च-सुरक्षित प्रणालियों पर ही प्रोसेस की जानी चाहिए, जिससे डेटा उल्लंघन का जोखिम समाप्त किया जा सके।
📜 पुलिस वेरिफिकेशन, चरित्र प्रमाण पत्र और किरायेदार सत्यापन पर पड़ेगा प्रभाव, रूपनगर SSP ने की पुष्टि
रूपनगर (रोपड़) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मनिंदर सिंह ने इस फैसले की प्रामाणिकता की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत ही यह बदलाव सुनिश्चित किया गया है।
इस निर्णय का सीधा प्रभाव उन आम नागरिकों पर पड़ेगा जो पुलिस वेरिफिकेशन, चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate), किरायेदार व घरेलू नौकर सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन तथा अन्य नागरिक- केंद्रित पुलिस सेवाओं हेतु प्रतिदिन सांझ केंद्रों का रुख करते हैं।
🛡️ “आधार अब भी वैध सरकारी दस्तावेज”, डेटा प्राइवेसी के तहत लिया गया प्रशासनिक निर्णय
पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए यह भी रेखांकित किया है कि आधार कार्ड की सर्वमान्य राष्ट्रीय वैधता पर इस निर्णय का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।
यह मात्र डेटा सुरक्षा के कड़े मानकों और गोपनीयता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया एक अंतर-विभागीय प्रशासनिक निर्णय है। आधार कार्ड देश में पूर्व की भांति एक प्रामाणिक एवं वैध सरकारी पहचान दस्तावेज बना रहेगा, परंतु सांझ केंद्रों के पोर्टल पर इसे पते या पहचान प्रमाण के रूप में अपलोड नहीं किया जाएगा।