पीएम मोदी ने मैसूर में किया ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन: बोले- “भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से बढ़ रही देश की अर्थव्यवस्था”
मैसूरु (कर्नाटक): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मैसूरु में स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर—‘विवेक स्मारक’ का भव्य उद्घाटन किया।
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देश की युवा शक्ति की सराहना की और कहा कि, “आज भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की एक नई और ऐतिहासिक यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, और यह सब भारत के युवाओं के अद्भुत सामर्थ्य का परिणाम है। आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज गति से प्रगति कर रही है।”
📱 भारत बना दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने भारत के वैश्विक विकास में युवाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि, “आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) बन चुका है। साथ ही, भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश है—यह सब हमारे युवाओं की प्रतिभा के बल पर संभव हुआ है।”
उन्होंने आगे कहा कि आज भारत में निर्मित डिजिटल सॉल्यूशन्स (Digital Solutions) संपूर्ण विश्व के अनेक देशों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।
🌍 “जो युवा कभी गुलामी की जंजीरों में था, आज वही दुनिया के विकास को दे रहा गति”
पीएम मोदी ने इतिहास और वर्तमान का तुलनात्मक उल्लेख करते हुए कहा कि, “भारत का जो युवा कभी गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, आज वही युवा वैश्विक विकास को नई दिशा और गति प्रदान कर रहा है। स्वामी विवेकानंद जी युवाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार मानते थे।”
उन्होंने कहा कि जब करीब 130 वर्ष पूर्व स्वामी विवेकानंद एक अज्ञात युवा संन्यासी के रूप में भ्रमण करते हुए मैसूर आए थे, तब भले ही उनकी ख्याति वैसी नहीं थी, परंतु उनके विचार अत्यंत ऊंचे थे। उस दौर में मैसूर के तत्कालीन महाराजा ने उनके विचारों की दिव्यता को पहचाना था और जब स्वामी जी अमेरिका गए थे, तब उन्होंने मैसूर महाराजा के अमूल्य सहयोग का उल्लेख पत्र के माध्यम से किया था।
🏛️ ‘शिव ज्ञाने, जीव सेवा’ का मंत्र: समाज और राष्ट्रहित के लिए युवाओं को गढ़ने का संकल्प
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, “स्वामी जी का मूल मंत्र था— ‘शिव ज्ञाने, जीव सेवा’, यानी जीव की निष्काम सेवा ही साक्षात शिव की सेवा है। हमें इस स्मारक के माध्यम से ऐसे ऊर्जावान युवाओं का निर्माण करना है, जिनके लिए समाज, राष्ट्र का हित और गरीबों-वंचितों का कल्याण अपने व्यक्तिगत सुख-दुख से ऊपर हो। जिनके लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ ही सर्वोपरि मंत्र हो।”
उन्होंने श्री रामकृष्ण आश्रम के सामाजिक, शैक्षणिक और आपदा राहत कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह विवेक स्मारक साधकों और श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक उत्थान का एक पवित्र तीर्थ बनेगा।
👑 स्वामी विवेकानंद के जीवन में मैसूरु का ऐतिहासिक व अविस्मरणीय योगदान
पीएम मोदी ने आगे कहा कि किसी भी साधारण व्यक्ति से ‘विभूति’ का निर्माण अचानक नहीं होता, इसके लिए जीवन में अनगिनत कठोर साधनाएं और तपस्या करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा, “ख्याति प्राप्त होने के उपरांत तो पूरा संसार पीछे खड़ा हो जाता है, परंतु तपस्या के कठिन समय में महान विभूतियों की अंतर्निहित क्षमता को पहचानना आसान नहीं होता। जो साधक को उसकी तपस्या के काल में पहचानता है, वह उसकी सिद्धि का सहभागी बनता है। इसीलिए स्वामी विवेकानंद जी के जीवन में मैसूरु का अत्यंत ऐतिहासिक योगदान रहा है।”