अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बहुचर्चित मामले में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशानुसार गठित नई विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी तफ्तीश की रफ्तार काफी तेज कर दी है।
आईजी (IG) किरण एस की अध्यक्षता में गठित इस नई एसआईटी की गतिविधियों पर डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर सीधी नजर बनाए हुए हैं। मामले में नामजद आठ मुख्य आरोपियों के अतिरिक्त 200 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस विभाग की ओर से औपचारिक नोटिस भेजे गए हैं। जांच एजेंसी द्वारा आरोपियों के निकटतम रिश्तेदारों, सहयोगियों तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े संदिग्धों से भी सघन पूछताछ की जाएगी।
📜 चंपत राय समेत वरिष्ठ ट्रस्टियों को नोटिस जारी, संपत्ति व बैंक खातों की जांच में जुटेंगे CA और फॉरेंसिक एक्सपर्ट
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय, वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी एसआईटी द्वारा नोटिस प्रेषित किया गया है।
जांच टीम ट्रस्टियों से पुनः विस्तारपूर्वक पूछताछ करने की तैयारी में है, जिसके अंतर्गत दस्तावेजों का मिलान और तकनीकी कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही, आरोपियों तथा मुख्य संदिग्धों की अचल संपत्तियों और बैंक खातों की फॉरेंसिक पड़ताल शुरू कर दी गई है। जांच को निष्पक्ष व त्रुटिहीन बनाने के लिए एसआईटी में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा रहा है। नई एसआईटी पूर्व में की गई प्राथमिक जांच का डिजिटल रिव्यू पूर्ण कर चुकी है।
🔎 “जांच की कोई कड़ी न छूटे…” एसआईटी का पूरा फोकस साक्ष्यों के संकलन पर
यद्यपि पुलिस पूर्व में ही आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ और महत्वपूर्ण बरामदगियां कर चुकी है, परंतु वर्तमान एसआईटी का मुख्य ध्येय यह है कि कानूनी प्रक्रिया में कोई तकनीकी या कानूनी खामी न रह जाए।
इधर, ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने मीडिया को बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा रामलला को समर्पित किए गए सोने, चांदी तथा नकदी चढ़ावे में हुई कथित धांधली की जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनका यह बयान ट्रस्ट द्वारा दान संग्रह और उसकी गणना में पारदर्शिता लाने हेतु कड़े सुरक्षा मानक लागू किए जाने के बाद सामने आया है।
🛐 संसद की घटना पर महंत दिनेंद्र दास ने जताया कड़ा ऐतराज, कहा- “रामलला का दर्शन व पूजन निर्बाध जारी”
संसद भवन परिसर में घटित एक घटना पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, जिसमें कथित तौर पर भगवान श्री रामलला की चित्र-प्रतिमा को फर्श पर रखा गया था, महंत दिनेंद्र दास ने भारी आपत्ति जताई।
उन्होंने इसे सनातन आस्था का अनादर बताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, महंत दास ने आश्वस्त किया कि राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा-अर्चना की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है तथा वैष्णव संप्रदाय की सुदीर्घ परंपरा के अनुसार सभी दैनिक आरतियां व अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हो रहे हैं।
📹 360-डिग्री कैमरे और वीडियोग्राफी की निगरानी में खाली हो रहे दान पात्र, आठ सदस्यीय निगरानी टीम तैनात
दान प्रबंधन की पारदर्शी प्रक्रिया का विवरण देते हुए महंत दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया कि 25 जुलाई से दान बॉक्स को खाली करने से लेकर गणना कक्ष तक ले जाने, सील करने और वापस स्थापित करने के संपूर्ण चक्र की निरंतर वीडियोग्राफी कराई जा रही है।
इस संवेदनशील प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारियों, ट्रस्ट प्रतिनिधियों, निजी सुरक्षाकर्मियों तथा नामित स्टाफ की आठ सदस्यीय संयुक्त निगरानी टीम (Monitoring Team) गठित की गई है।
मंदिर परिसर में स्थापित लगभग 40 दान पात्रों (Donation Boxes) को अब एक साथ खाली करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग दिनों में खाली किया जाता है। समूची प्रक्रिया को रिकॉर्ड करने के लिए 360-डिग्री कैमरे और पेशेवर वीडियोग्राफर तैनात किए गए हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकृत अधिकारी दान से भरे बक्सों को काउंटिंग रूम पहुंचने पर सील व अनसील करते हैं।