पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भूमि अधिग्रहण मामले

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है।

अदालत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन भूमि अधिग्रहण मामलों का वर्षों पहले अंतिम कानूनी निस्तारण हो चुका है, उन्हें ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ की धारा 24(2) का आधार बनाकर दोबारा नहीं खोला जा सकता। हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पहले से विधिक रूप से समाप्त हो चुके विवादों को अनिश्चितकाल तक जीवित रखना बिल्कुल नहीं है।

⚖️ जस्टिस विकास बहल और जस्टिस सुभाष मेहला की खंडपीठ ने बहादुरगढ़ की 2016 की याचिका की खारिज

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस विकास बहल और जस्टिस सुभाष मेहला की खंडपीठ ने झज्जर जिले के बहादुरगढ़ स्थित 1 बीघा 12 बिस्वा भूमि के अधिग्रहण को चुनौती देने वाली वर्ष 2016 की याचिका को खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित भूमि का अधिग्रहण बहादुरगढ़ में आवासीय, वाणिज्यिक (Commercial) और संस्थागत सेक्टरों के सुचारू विकास के लिए किया गया था।

📜 2002-03 में शुरू हुई थी अधिग्रहण प्रक्रिया, 2004 में पारित हो चुका था अवार्ड

खंडपीठ ने मामले के तथ्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि उक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2002-03 में तत्कालीन ‘भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894’ के तहत विधिवत शुरू की गई थी और 25 जून 2004 को इसका अवार्ड भी पारित किया जा चुका था।

याचिकाकर्ताओं का अदालत में मुख्य दावा यह था कि उनकी अधिग्रहित भूमि का वैधानिक भौतिक कब्जा नहीं लिया गया है, इसलिए नए कानून के आधार पर इस अधिग्रहण को पूरी तरह निरस्त किया जाए।

⚠️ 2013 का नया कानून लागू होने के बाद बढ़ी याचिकाओं की बाढ़, अत्यधिक विलंब से दाखिल केस स्वीकार्य नहीं

खंडपीठ ने अवलोकन करते हुए कहा कि 2013 का नया कानून लागू होने के बाद उच्च न्यायालयों में ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई, जिनमें भू-स्वामियों ने दशकों पुराने निपट चुके अधिग्रहण मामलों को धारा 24(2) के जरिए फिर से चुनौती देने का प्रयास किया।

अदालत ने कहा कि अत्यधिक विलंब से दायर ऐसी याचिकाओं के जरिए उन मुद्दों को फिर से उठाया जा रहा है जो समय के साथ कानूनी रूप से समाप्त हो चुके हैं। यदि इस तरह की अत्यधिक देरी से दाखिल याचिकाओं को स्वीकार किया जाने लगा, तो राज्य में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कभी अंतिम रूप नहीं ले पाएगी और जनहित की महत्वपूर्ण सार्वजनिक विकास परियोजनाएं लंबे समय तक अधर में लटकी रहेंगी।

❌ याचिका में नहीं मिला कोई कानूनी आधार, हाईकोर्ट ने निराधार बताकर की खारिज

मामले के इन सभी कानूनी पहलुओं और ऐतिहासिक तथ्यों पर गहराई से विचार करने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्तमान याचिका भी अत्यधिक विलंब से दायर की गई है और इसमें कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बनता है।

अदालत ने याचिका को पूरी तरह से निराधार और गुण-दोष रहित (Without Merit) ठहराते हुए खारिज कर दिया।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     मध्य प्रदेश में ‘ई-प्रवेश’ प्रणाली ने बनाया रिकॉर्ड: डॉ. मोहन यादव के विजन से 4.89 लाख छात्रों ने लिया प्रवेश     |     जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता     |     “मेरा बेटा राह भर तड़पता रहा…”, मंडला में 108 एंबुलेंस की घोर लापरवाही से 21 साल के युवक की तड़पकर मौत     |     उज्जैन बनेगी देश की पहली ‘सर्प मित्र नगरी’: 15 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक स्नेक पार्क, जानें खूबियां     |     नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान     |     केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अगले 5 सालों के लिए बढ़ी ‘पीएम-किसान’ योजना, ₹3.15 लाख करोड़ के बजट को मिली हरी झंडी     |     भारत में गूगल ने लॉन्च किया Gemini Spark AI एजेंट! आपके बिना ऑनलाइन रहे भी करेगा सारे काम, जानें खासियतें     |     सावन में करें श्री रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ: दूर होंगे सभी कष्ट, जानें श्रीराम से जुड़ी कथा, सही समय और विधि     |     अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और बचाव     |     IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें