HSSC Recruitment Controversy: महिला कांस्टेबल भर्ती की शॉर्टलिस्टिंग को हाईकोर्ट में चुनौती; आयोग को नोटिस जारी
चंडीगढ़: हरियाणा में महिला कांस्टेबल (GD) भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को ‘सीईटी-2’ (CET-2) परीक्षा में अस्थायी (Provisional) तौर पर शामिल होने की अनुमति दे दी है।
📋 क्या है विवाद का कारण?
याचिकाकर्ता आरजू व अन्य ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा महिला कांस्टेबल भर्ती के लिए जारी शॉर्टलिस्टिंग सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं के वकील मजलीश खान ने दलील दी कि उम्मीदवारों के चयन का तरीका मनमाना और अवैध है। उन्होंने आयोग द्वारा जारी विवादित सूची को रद्द कर योग्यता के आधार पर नई सूची तैयार करने की मांग की है।
🛡️ हाईकोर्ट ने माना मामला विचारणीय
सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मौदगिल ने रिकॉर्ड और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों का अवलोकन किया। कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ताओं का मामला विचारणीय है, क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने सामान्य वर्ग (General Category) की निर्धारित कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें प्रोविजनल आधार पर परीक्षा में भाग लेने की अनुमति प्रदान कर दी।
📝 HSSC को नोटिस जारी
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम राहत केवल मामले के अंतिम निर्णय तक ही प्रभावी रहेगी। यह फैसला उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं।
