नई दिल्ली: भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली ‘यूपीआई’ (UPI) ने अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर लिया है। अब भारतीय यात्री अपनी विदेश यात्रा के दौरान बिना किसी करेंसी एक्सचेंज की झंझट के, सीधे अपने बैंक अकाउंट से यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकते हैं। वर्तमान में दुनिया के 9 प्रमुख देशों में यह सुविधा उपलब्ध है और इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है।
🚀 भूटान से हुई थी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत
भारत के बाहर यूपीआई को अपनाने वाला भूटान पहला देश था। आज वहां 20,000 से अधिक मर्चेंट लोकेशंस पर भारतीय यात्री क्यूआर कोड के माध्यम से खरीदारी, होटल बुकिंग और अन्य सेवाएं डिजिटल रूप में ले सकते हैं।
🇫🇷 यूरोप और खाड़ी देशों में UPI का जलवा
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फ्रांस: फरवरी 2024 से एफिल टावर जैसी प्रसिद्ध जगहों पर टिकट बुकिंग के लिए यूपीआई का उपयोग किया जा रहा है।
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यूएई (UAE): जुलाई 2024 से यहां के 2 लाख से ज्यादा टर्मिनल्स पर भारतीय पर्यटक यूपीआई के जरिए भुगतान कर रहे हैं।
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कतर: सितंबर 2025 से कतर नेशनल बैंक के साथ साझेदारी के बाद पर्यटकों के लिए भुगतान बेहद सरल हो गया है।
🇸🇬 सिंगापुर, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका
इन देशों में यूपीआई और ‘पेनाउ’ (PayNow) या लंकाक्यूआर (LankaQR) जैसे स्थानीय नेटवर्क के एकीकरण के कारण भारतीय यूजर्स रियल-टाइम ट्रांजैक्शन कर पा रहे हैं। इससे करेंसी बदलवाने की अतिरिक्त लागत और शुल्क से भारी राहत मिली है।
🇰🇭 कंबोडिया: UPI नेटवर्क से जुड़ने वाला नया पड़ाव
जून 2026 में कंबोडिया भी आधिकारिक रूप से यूपीआई नेटवर्क का हिस्सा बन गया है। एनपीसीआई (NPCI) और एसीएलईडीए (ACLEDA) बैंक के सहयोग से अब भारतीय यात्री वहां के मर्चेंट आउटलेट्स पर क्यूआर पेमेंट कर सकते हैं।
✈️ विदेश यात्रा में UPI के लाभ
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सुरक्षा: नकदी (कैश) ले जाने का जोखिम खत्म।
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सुविधा: परिचित एप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) का उपयोग।
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गति: रियल-टाइम और सुरक्षित ट्रांजैक्शन।
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नोट: हालांकि यूपीआई पर ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उपयोग के दौरान बैंक के नियमानुसार विदेशी मुद्रा विनिमय दरें और मामूली ट्रांसफर शुल्क लागू हो सकते हैं।