Jabalpur CBI Trap: पश्चिम मध्य रेलवे का डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
रेलवे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. सीबीआई ने पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के डिप्टी चीफ इंजीनियर-II (कंस्ट्रक्शन) नारायण सिंह बुंदेला को एक लाख रुपए की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. शातिर आरोपी अधिकारी को सागर में एक सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई के दौरान दबोचा गया. गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सीबीआई टीम उसे तुरंत जबलपुर लेकर आई, जहां शुक्रवार (5 जून 2026) को उसे जबलपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया. इस बड़ी कार्रवाई के बाद रेलवे के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
💼 ₹1 करोड़ के लंबित बिल और सिक्योरिटी डिपॉजिट जारी करने के एवज में मांगी थी घूस, ठेकेदार ने की थी शिकायत
सीबीआई द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 4 जून 2026 को एक पीड़ित रेलवे ठेकेदार की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. शिकायत में ठेकेदार ने गंभीर आरोप लगाया था कि रेलवे के एक निर्माण कार्य से जुड़े सिक्योरिटी डिपॉजिट (सुरक्षा निधि), लंबे समय से लंबित पड़े फाइनल बिलों के भुगतान और पीवीसी (Price Variation Clause) देयकों की राशि जारी करने के एवज में डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी. विभागीय सूत्रों ने बताया कि जिन भुगतानों और देयकों को अधिकारी द्वारा जानबूझकर रोका गया था, उनकी कुल वैधानिक राशि लगभग एक करोड़ रुपए के आसपास थी.
🏨 सागर के पैराडाइज होटल में सीबीआई ने बिछाया जाल, घूस की रकम हाथ में लेते ही दबोचे गए साहब
शिकायतकर्ता ठेकेदार ने सीबीआई को बताया कि उसने रेलवे के लिए गिट्टी सप्लाई सहित अपना अनुबंधित कार्य समय पर पूरा कर लिया था, लेकिन विभाग में जमा उसकी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा निधि और अन्य वैध भुगतान वापस करने के लिए डिप्टी चीफ इंजीनियर लगातार रिश्वत के लिए दबाव बना रहे थे. जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से साफ इंकार किया, तो अधिकारी ने उसकी फाइलें और भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह रोक दी.
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने गोपनीय तरीके से प्रारंभिक जांच कर आरोपों की पुष्टि की और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की तैयारी की. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए शिकायतकर्ता को सागर स्थित ‘पैराडाइज होटल’ में बुलाया था. गुरुवार देर रात सीबीआई की विशेष टीम होटल के आसपास सादे कपड़ों में तैनात हो गई. तय योजना के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने होटल के कमरे में आरोपी अधिकारी को एक लाख रुपए सौंपे, सीबीआई अधिकारियों ने तत्काल धावा बोलते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया. कैमिकल टेस्ट में हाथ रंग जाने के बाद रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई.
🔎 गेस्ट हाउस की तलाशी में मिले ₹62 हजार कैश और रियल एस्टेट निवेश के दस्तावेज, संपत्ति की जांच शुरू
होटल से गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने आरोपी अधिकारी से कड़ी पूछताछ की. इसके साथ ही सागर में स्थित उसके गेस्ट हाउस के कमरे और अन्य संभावित ठिकानों की गहन तलाशी भी ली गई. इस तलाशी के दौरान कमरे से 62 हजार रुपए नगद बरामद हुए, जिनका आरोपी अधिकारी कोई संतोषजनक या वैध हिसाब प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके अलावा, विभिन्न शहरों में रियल एस्टेट (जमीन-जायदाद) में भारी निवेश से संबंधित कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. सीबीआई अब इस बिंदु पर भी विस्तृत जांच कर रही है कि क्या आरोपी अधिकारी पहले भी अन्य ठेकेदारों या फर्मों से इसी प्रकार की अवैध वसूली करता रहा है. केंद्रीय एजेंसी अब आरोपी के सभी बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और पारिवारिक निवेश संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है.
⚖️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, शुक्रवार को जबलपुर की विशेष अदालत में किया गया पेश
सीबीआई ने आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित संगीन धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है. कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर शुक्रवार 5 जून 2026 को जबलपुर की सक्षम विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई है. इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और विभागीय स्तर पर संबंधित कंस्ट्रक्शन रिकॉर्ड और पुरानी भुगतान प्रक्रियाओं की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है.