J&K Encounter News: घने जंगलों में छिपे हैं पाकिस्तानी आतंकी; ड्रोन और रॉकेट ग्रेनेड से सुरक्षा बलों की कड़ी घेराबंदी
जम्मू-कश्मीर: राजौरी के दोरिमाल-गंभीर मोगला जंगल इलाके में सुरक्षा बलों का आतंकवाद विरोधी सर्च अभियान ‘ऑपरेशन शेरवाली’ सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। सुरक्षा बलों ने जंगलों के अंदरूनी हिस्सों में छिपे दो-तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को घेर लिया है, जिनमें एक कमांडर भी शामिल होने की सूचना है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों का यह संयुक्त अभियान पूरी तरह से आतंकियों के खात्मे पर केंद्रित है।
🚀 RPG और ड्रोन से आतंकियों का ‘सफाई अभियान’
सैनिकों ने खुफिया सूचनाओं और ड्रोन से मिली हलचल के आधार पर उन ठिकानों को रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से निशाना बनाया है, जहाँ आतंकियों के छिपे होने की प्रबल संभावना है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य आतंकियों को बाहर आने के लिए उकसाना और उनकी सटीक लोकेशन का पता लगाना था। घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ इलाके के कारण सेना कोई जोखिम नहीं ले रही है और अत्यधिक सावधानी के साथ कार्रवाई को अंजाम दे रही है।
🩸 खून के निशानों से आतंकियों की घेराबंदी
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को हुई छिटपुट गोलीबारी में एक आतंकवादी घायल हुआ था। तब से सैनिक उन खून के निशानों का पीछा कर रहे हैं, जो आतंकियों ने भागते समय छोड़े थे। सुरक्षा बलों ने अब घेराबंदी का दायरा और भी सीमित कर दिया है, जिससे आतंकवादियों के बचने की संभावना लगभग खत्म हो चुकी है। एक ठिकाने को पूरी तरह नष्ट करने के बाद, घेरे को और अधिक मजबूत बनाया गया है।
🚁 आधुनिक तकनीकों का उपयोग
इस अभियान को सफल बनाने के लिए अत्याधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है:
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निगरानी: हेलीकॉप्टर और हाई-टेक ड्रोन के जरिए जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
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सर्च डॉग: आतंकियों की गंध का पीछा करने के लिए सर्च डॉग्स की मदद ली जा रही है।
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अतिरिक्त तैनाती: इलाके के सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है और घेराबंदी को सख्त करने के लिए अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा बलों का संकल्प है कि इन आतंकियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। घने पेड़ों के धुएं के गुबार के बीच सेना का यह ऑपरेशन आतंकियों के लिए अंतिम साबित हो सकता है।