LPG को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाई है. पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर हालात पर तुरंत नियंत्रण करने को कहा है. सरकार का कहना है कि कई जगहों पर गलत जानकारी फैलने से लोगों में घबराहट बढ़ रही है और पैनिक में गैस सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं. मंत्रालय के मुताबिक, अभी सिर्फ 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित या बीच-बीच में प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो काफी नहीं है.
केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे रोजाना सीनियर स्तर पर प्रेस ब्रीफिंग करें और सोशल मीडिया व मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाएं. इससे लोगों को भरोसा मिलेगा कि LPG की सप्लाई पर्याप्त है और इसे लोगों तक सुचारू रूप से पहुंचाया जा रहा है. इसके साथ ही सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं. केंद्र ने राज्यों से इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करने को कहा है, ताकि अफवाहों पर लगाम लगे.
‘संकट को अवसर में बदल दिया गया’
भारत, ईरान युद्ध की वजह से हुए कुकिंग गैस संकट का इस्तेमाल अपनी स्थानीय वितरण व्यवस्था की कमियों को दूर करने और आधारभूत मानदंडों को मजबूत करने के लिए कर रहा है. ऐसा इसलिए ताकि पाइप वाली गैस की ओर तेजी से बढ़ाया जा सके. क्योंकि वह लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के आयात और सब्सिडी पर होने वाले खर्च को कम करना चाहता है.
पिछले महीने, भारत ने एक आदेश जारी किया, जिसमें नई पाइपलाइन मंज़ूरियों के लिए समय-सीमा तय की गई. इसके तहत, अगर अधिकारी तय समय पर जवाब नहीं देते हैं, तो मंजूरी मिली हुई मानी जाएगी. इसके साथ ही जमीन मालिकों और स्थानीय अधिकारियों को पाइपलाइन के लिए रास्ता देने की शर्त भी रखी गई है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया पर कहा कि पूरे देश में CGD (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क का तेजी से विस्तार देखने को मिल रहा है. एक संकट अब एक अवसर में बदल गया है.
