सावधान! मध्य प्रदेश में ‘ईरानी’ डिस्टर्बेंस का असर, धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बारिश; मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
भोपाल : मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. एक ओर मार्च के आखिरी सप्ताह में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है, तो दूसरी ओर मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्री-मॉनसून जैसी बारिश की चेतावनी दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ट्रफ लाइन, ईरान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और चक्रवाती हवाओं के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है. ऐसे में दिन में तेज गर्मी रहेगी, लेकिन शाम के बाद मौसम अचानक बदल सकता है.
नर्मदापुरम सबसे गर्म, कई शहरों में 40 डिग्री के करीब
प्रदेश में गर्मी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं, लेकिन जल्द ही इससे राहत मिलने वाली है. शुक्रवार शाम को जारी आंकड़ों के अनुसार नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा खजुराहो और रतलाम में तापमान क्रमशः 39.6 और 39.5 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक है. इसी तरह खंडवा और मंडला में भी पारा 39 डिग्री के आसपास रहा. वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में तापमान 36 से 38.4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय मध्यप्रदेश में लोगों को लू जैसा एहसास हो रहा है. अगले 24 घंटों में इससे राहत मिलेगी.
राजस्थान से एमपी तक बनी ट्रफ लाइन
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, ” मौसम में बदलाव के पीछे एक बड़ा कारण ट्रफ लाइन है. वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश तक हवा का एक कम दबाव वाला क्षेत्र बना हुआ है. यह जमीन से करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है. यह सिस्टम अरब सागर और आसपास के इलाकों से नमी को अपनी ओर खींचकर मध्य प्रदेश तक ला रहा है. इसके प्रभाव से बादलों की गतिविधि बढ़ रही है और कई जिलों में आंधी और गरज-चमक की संभावना बन रही है.
ईरान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ तेजी से बदलेगा मौसम
दिव्या ई सुरेंद्रन के अनुसार, ” सिस्टम में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है. यह सिस्टम ईरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में बना है और धीरे-धीरे भारत की ओर बढ़ रहा है. यह समुद्र तल से करीब 5.8 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है. इसके प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत के मौसम में अगले दो से तीन दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम के कारण बादल तेजी से सक्रिय होंगे और कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है.”
चक्रवाती हवाओं और जेट स्ट्रीम का भी असर
मध्य राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं का घेरा भी बना हुआ है. यह सिस्टम वातावरण में अस्थिरता पैदा कर रहा है, जिससे गरज-चमक और धूल भरी आंधी की संभावना बढ़ रही है.
इसके अलावा पूर्वी भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम बह रही है. इन बर्फीली हवाओं की गति करीब 185 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है. यह ऊपरी हवा का संतुलन बदलकर मौसम को प्रभावित कर रही है. आईएमडी के मुताबिक इन सभी मौसमी सिस्टम के चलते मध्य प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया गया.
