बंगाल चुनाव का वो ‘ऐतिहासिक’ उलटफेर! जब 3 राष्ट्रीय पार्टियों के सभी उम्मीदवारों की जब्त हुई जमानत; TMC और BJP की जंग में साफ हो गया विपक्ष

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. 2 चरणों में इस बार वोट डाले जाएंगे. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार जीत का चौका लगाने को बेताब है और वोटर्स को साधने की कोशिश में जुटी हैं. पिछले चुनाव में टीएमसी ने आसान जीत हासिल की थी, तब हालांकि मुख्य विपक्षी दल के रूप में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कड़ी चुनौती देने के बाद भी उसे सत्ता में आने से नहीं रोक सकी थी. 2021 के चुनाव में राज्य में 7 राष्ट्रीय दलों ने यहां पर किस्मत आजमाई लेकिन 5 का खाता तक नहीं खुल सका था और 3 दलों के सभी प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई थी.

ममता की पार्टी टीएमसी का पश्चिम बंगाल में जोरदार दबदबा रहा है, 10 साल से सत्ता में रहने के बाद भी पार्टी ने बड़ी जीत के साथ सत्ता में लगातार तीसरी बार वापसी की. तब टीएमसी ने 294 सीटों वाले विधानसभा के लिए 288 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे जिसमें वह 213 में जीत हासिल करने में कामयाब रही. इसके बाद बीजेपी महज 77 सीटों पर जीत हासिल कर सकी, जबकि पार्टी ने 291 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे.

5 राष्ट्रीय दलों का तो खाता नहीं खुला

बीजेपी लंबे समय से बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही थी और उसे इसका फायदा 2021 के चुनाव में मिला, और उसके खाते में 77 सीटें आईं. हालांकि सत्ता पर काबिज होने के लिहाज से यह कहीं कम सीटें रहीं. पार्टी के 10 प्रत्याशियों की तो जमानत ही जब्त हो गई थी. तृणमूल को कुल पड़े वोटों में से 47.94 फीसदी वोट मिले तो 38.13 फीसदी वोट बीजेपी के खाते में आए.

इन 2 राष्ट्रीय दलों को छोड़ दिया जाए 5 अन्य राष्ट्रीय दल भी मैदान में उतरे थे. इसमें कांग्रेस, मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), सीपीआई, सीपीआई-एम, एनपीईपी शामिल हैं. कांग्रेस ने वाम दलों के साथ सीटों के साथ करार किया और पार्टी सीपीआई तथा सीपीआई-एम के साथ मैदान में उतरी. इन तीनों ने मिलाकर 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए, जिसमें किसी को जीत तो नहीं मिली, लेकिन 208 प्रत्याशियों की तो जमानत ही जब्त हो गई.

अकेले उतरी BSP, गंवा बैठी जमानत

सबसे बुरी गत राष्ट्रीय पार्टी बीएसपी की हुई. मायावती की पार्टी ने बंगाल में अकेले ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया और 162 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे. सभी के सभी प्रत्याशियों की करारी शिकस्त हुई. जीत तो दूर, एक भी प्रत्याशी अपनी जमानत ही नहीं बचा पाया.

पार्टी को महज 0.39 फीसदी ही वोट मिले. जमानत जब्त कराने के मामले में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही और 91 में से 79 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई. पूर्वोत्तर की पार्टी एनपीईपी के सभी तीनों प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हो गई. जबकि एक अन्य राष्ट्रीय स्तर की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के सभी 10 प्रत्याशियों की जमानत चली गई.

2016 और 2011 में भी हुई थी जमानत जब्त

अब अगर 2016 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो बीएसपी ने 161 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे और सभी सीटों पर ही उसकी जमानत जब्त हो गई. जबकि इस चुनाव में बीजेपी ने 291 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे जिसमें 3 को जीत मिली तो 263 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी.

इस चुनाव में कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसे 92 सीटौं में से 44 सीटों पर जीत मिली और 4 पर जमानत भी गंवाया. तृणमूल 293 में से 211 सीट पर जीत हासिल कर सत्ता पर फिर से काबिज हुई थी.

साल 2011 के चुनाव में भी बीएसपी ने अपनी सभी सीटों पर जमानत गंवाई थी. तब पार्टी ने 159 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे. बीजेपी इस दौरान यहां पर अपना सियासी ग्राफ बढ़ाने में जुटी थी और उसने 289 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे, जिसमें उसका खाता तो नहीं खुला, लेकिन 285 सीटों पर उसके प्रत्याशी अपनी जमानत राशि गंवा बैठे. इस चुनाव में ममता की पार्टी 226 सीटों पर लड़ते हुए 184 सीटों पर जीत हासिल की और पहली बार सत्ता पर कब्जा जमाया था.

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     India’s Deportation Plan: अवैध बांग्लादेशियों को कैसे वापस भेजेगा भारत? विदेश मंत्रालय ने संसद में बताया पूरा एक्शन प्लान     |     Maharashtra Police Raid: नांदेड़ में भारी मात्रा में तलवारें और खंजर जब्त; 43 लाख की कीमत के 4796 हथियार बरामद, आरोपी गिरफ्तार     |     Judiciary vs Government: जजों की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; कहा- चुनाव आयुक्तों जैसा जोश यहाँ क्यों नहीं?     |     TVK Controversy: टीवीके विवाद के बीच क्यों चर्चा में आया ‘बोम्मई जजमेंट’? जानें क्या है राजभवन और फ्लोर टेस्ट का पूरा मामला     |     Maharashtra News: आंधी-तूफान में फंसा सीएम एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर; पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा     |     Char Dham Yatra 2026 Alert: चार धाम यात्रियों के साथ बड़ी ठगी; सस्ते हेलीकॉप्टर टिकट और VIP दर्शन के नाम पर साइबर ठग सक्रिय     |     Bihar Crime News: ‘मिलने बुलाया, फिर फंसा दिया’… प्रेमी के गंभीर आरोप, मुजफ्फरपुर में कॉलेज के बाहर से युवक गिरफ्तार     |     Chandranath Rath Murder Case: हमलावरों की बाइक के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा खुलासा; जांच में आया नया मोड़, पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग     |     Chandranath Rath Murder Case: हमलावरों की बाइक के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा खुलासा; जांच में आया नया मोड़, पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग     |     बस इतनी से बात पर ‘झुलसा’ परिवार, युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को लगाई आग; पत्नी-सास भी घायल     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें