Eid Fashion 2026: इस ईद ‘फर्शी सलवार’ ने लूटी महफिल! नवाबों के दौर की इस ड्रेस की बाजार में भारी डिमांड, जानें क्या है इसमें खास

ईद का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. लड़कियां अपने लिए परफेक्ट ट्रेडिशनल आउटफिट ढूंढने निकल पड़ती हैं. हर साल ईद के मौके पर मार्केट में कुछ ट्रेंडी चीजें छाई रहती हैं. हर साल की तरह इस बार भी फैशन में कई नए ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं, जिसमें से एक है फर्शी सलवार का ट्रेंड. जिस भी मार्केट में जाओ हर जगह फर्शी सलवार के ही चर्चे हैं. महिलाएं भी इसकी खूब डिमांड कर रही हैं. इसकी खूबसूरत डिजाइन, चौड़ा घेर और रॉयल लुक इसे बाकी सलवारों से अलग बनाता है, इसलिए मार्केट में इसकी मांग तेजी से बढ़ती नजर आ रही है. अब तो इसके कई पैटर्न, फैब्रिक और डिजाइन भी आ गए हैं, जो आपको हर तरह के प्राइज रेंज में मिल जाएंगे.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि फर्शी सलवार इतनी आम नहीं है. इसका इतिहास नवाबों से जुड़ा रहा है. अगर इस ईद पर आप भी फर्शी सलवार पहन रही हैं तो इसकी हिस्ट्री के बारे में जानना तो बनता है. चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं फर्शी सलवार का नवाबी कनेक्शन, इसकी खासियत और स्टाइल करने का तरीका.

नवाबों से जुड़ा है फर्शी सलवार का इतिहास

फर्शी सलवार सिर्फ एक फैशन ट्रेंड ही नहीं, बल्कि इतिहास और शाही संस्कृति से जुड़ा हुआ परिधान भी है. माना जाता है कि इसका संबंध पुराने समय के नवाबी दौर से है, जब शाही खानदान की महिलाएं इस तरह की सलवार पहना करती थीं. जमीन तक फैली हुई इसकी चौड़ी बनावट और नफासत भरा अंदाज इसे बेहद खास बनाता है. सन 1970 से 1980 तक ये सलवार खूब ट्रेंड में रही. लेकिन इसके बाद मानों जैसे कहीं खो गई. उस समय फिल्मों में भी कई एक्ट्रेस फर्शी सलवार पहनती थीं. हालांकि, अब इतने सालों के बाद फिर से फार्शी सलवार ट्रेंड में आ गई है.

फर्शी सलवार की क्या होती है खासियत?

फर्शी नाम फारसी शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब होता है फ्लोरी, फर्श या जमीन. इस सलवार की बनावट फ्लोई होती है. इस सलवार का घेर काफी चौड़ा होता है और इसकी लंबाई इतनी होती है कि इसका निचला हिस्सा जमीन को हल्के से छूता हुआ दिखाई देता है. यही वजह है कि इसे पहनने पर बेहद रॉयल और एलीगेंट लुक मिलता है. फर्शी सलवार की सबसे बड़ी खासियत इसका भारी घेर और ढीला-ढाला स्टाइल होता है. ये आम सलवार की तुलना में ज्यादा कपड़े से बनाई जाती है, जिससे इसमें शानदार फॉल और ग्रेस नजर आता है. इसके अलावा फर्शी सलवार पर अक्सर खूबसूरत कढ़ाई, गोटा-पट्टी, जरी या चिकनकारी का काम किया जाता है, जिससे इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है.

फर्शी सलवार को स्टाइल करने के टिप्स

जैसा की इससे के नाम से से मालूम होता है कि, फर्श तक को छूती है. इसकी मोहरी काफी चौड़ी बनाई जाती है. ऐसे में उसे शो करना भी जरूरी होता. इसलिए फर्शी सलवार पर शॉर्ट कुर्ती पहनना ज्यादा अच्छा रहता है. ये सलवार के लुक को पूरी तरह से जस्टिफाई करती है. साथ ही कुर्ती को फिटेड न बनवाकर लूज फिट का बनाएं तो ये और भी ज्यादा रिच लुक देती है. आप इस सलवार के साथ हील्स, या फिर मोजरी पहन सकती हैं. फर्शी सलवार सूट स्टाइल ऐसा है कि इसके साथ आप दुपट्टा कैरी करें या न करें ये आपको लुक को परफेक्ट ही दिखाएगी.

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     “नेताजी की अस्थियां कहां हैं?”—सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार; याचिकाकर्ता से पूछा ऐसा सवाल कि बंद हो गई बोलती!     |     Share Market Crash Today 2026: क्यों गिरा आज शेयर बाजार? जानें वे 5 बड़े कारण जिनसे निवेशकों को लगा 10 लाख करोड़ का चूना     |     Rahul Gandhi in Lok Sabha: लोकसभा में गूंजा ईरान संकट, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा; पूछा— “अमेरिका के दबाव में क्यों है भारत की तेल नीति?”     |     Iran Conflict Update: ईरान में फंसे 9000 भारतीय, विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया वतन वापसी का पूरा प्लान; दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन     |     बड़ी खबर: टेरर फंडिंग केस में शब्बीर शाह को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत! 7 साल बाद जेल से आएंगे बाहर; कश्मीर की राजनीति में हलचल     |     LPG Crisis in Rural Areas: ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव, अब 45 दिन करना होगा इंतजार; जानें सप्लाई का नया शेड्यूल     |     दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट: अभी इतना काम है बाकी, इन वाहनों को नहीं देना होगा 1 रुपया भी टोल; NHAI ने दी पूरी डिटेल     |     संसद में गूंजी थाली-चम्मच की आवाज! LPG संकट पर TMC महिला सांसदों का अनोखा विरोध; सदन में भारी हंगामा, कार्यवाही स्थगित     |     थरूर का मणिशंकर अय्यर को करारा जवाब: “विदेश नीति भाषण देने के लिए नहीं, देश के हित के लिए होती है!” खुले खत में खोली ‘नैतिकता’ की पोल     |     फारूक अब्दुल्ला पर हमला? पूर्व CM का खौफनाक खुलासा— “मुझे लगा पटाखा फूटा, बाद में पता चला गोली चली!” सुरक्षा घेरे पर उठाए गंभीर सवाल     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें