बड़ी खबर: विवादों में घिरी देश की पहली ‘म्यूजिकल रोड’, 650 परिवारों की शिकायत पर प्रशासन सख्त; ध्वनि प्रदूषण की होगी गहन जांच
भारत की पहली ‘म्यूजिकल’ रोड का मुंबई में एक महीने ही पहले ही उद्घाटन हुआ. अब ये रोड विवादों में घिर गई है. दरअसल, रोड में कोई खराबी नहीं आई है. बल्कि रोड से निकलने वाले संगीत ने आसपास रिहायशी इलाकों में रहने वाले 650 से अधिका परिवारों को परेशान किया हुआ है. परिवार का दावा है कि संगीत ने उनकी दिनचर्या को खराब कर दिया है.
पॉश ब्रीच कैंडी इलाके के लोगों का कहना है कि सुबह संगीत सुबह करीब 6 बजे से आधी रात तक तेज आवाज में बजता रहता है. ‘मेलोडी’ सड़क “काफी परेशानी पैदा कर रही है और इससे किसी सार्वजनिक आवश्यकता का समाधान नहीं हो रहा है” ऐसे समय में जब शहर शांत और अधिक रहने योग्य वातावरण बनाने के लिए काम कर रहे हैं. लोगों ने इस मामले को लेकर नगर आयुक्त भूषण गगरानी को लिखा है. उन्होंने इस समस्या का जल्द से जल्द से समाधान किए जाने का अनुरोध किया है.
बजती है एआर रहमान के गीत ‘जय हो’ की धुन
नगर आयुक्त को लिखे पत्र में बताया गया है कि एआर रहमान के गीत ‘जय हो’ की धुन सुबह 6 बजे से आधी रात तक कोस्टल रोड के उत्तरी हिस्से पर बजती रहती है, जो सीधे घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों से होकर गुजरता है. रात में शहर के शांत रहने पर आवाज और तेज हो जाती है. जिससे लोगों को अशांति का सामना करना पड़ता है. खिड़की बंद करने पर भी आवाज घर के अंदर तक आ जाती है. लोगों का कहना है कि इस समस्या की वजह ध्वनि प्रदूषण हो रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और वृद्ध लोगों पर हो रहा है.
CM फडणवीस ने 11 फरवरी को किया था उद्घाटन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 11 फरवरी को संगीतमय सड़क के इस पार्टका उद्घाटन किया था. इस सड़क पर विशेष रूप से निर्धारित गति के लिए खांचे बनाए गए हैं. यह विश्व में इस प्रकार की पांचवीं और भारत में अपनी तरह की पहली सड़क है. अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर, उस हिस्से से 500 मीटर, 100 मीटर और 60 मीटर पहले साइन बोर्ड लगाए गए हैं ताकि वाहन चालकों को आने वाली म्यूजिकल रोड और उस अनुभव के लिए आवश्यक गति के बारे में सचेत किया जा सके.
BMC अधिकारी करेंगे जांच
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने आसपास के सबसे नज़दीकी आवासीय भवन में इससे निकलने वाले शोर के डेसिबल स्तर की जांच करने का फैसला किया है. नगर निगम ने अब अपने तकनीकी सलाहकार को इस मुद्दे का अध्ययन करने और परियोजना के उद्देश्य को बनाए रखते हुए शोर के प्रभाव को कम करने के तरीकों की पहचान करने का निर्देश दिया है. साथ ही रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को आश्वस्त किया है कि उनकी समस्या का जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा.
