पश्चिम का सूर्यास्त, ग्लोबल साउथ का उदय: क्या दिल्ली बनेगी दुनिया की ‘AI कैपिटल’?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दुनिया की सबसे बड़ी बहस अब दिल्ली में होने जा रही है. लंदन, सियोल और पेरिस के बाद अब AI के भविष्य, उसके नियम और उसकी नैतिक सीमाओं पर वैश्विक मंथन भारत की ज़मीन पर होगा. India AI Impact Summit सिर्फ़ एक टेक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि उस बदलाव का संकेत है. जहां AI की सत्ता और दिशा पश्चिमी देशों से निकलकर ग्लोबल साउथ की ओर बढ़ती दिख रही है.

अब तक AI पर वैश्विक एजेंडा मुख्यतः पश्चिमी राजधानियों में तय होता रहा है. लंदन में AI सेफ़्टी और जोखिम, सियोल में टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री संतुलन और पेरिस में रेगुलेशन और एथिक्स पर चर्चा हुई. अब बारी दिल्ली की है. लेकिन इन सभी चर्चाओं की एक साझा सीमा रही. ग्लोबल साउथ की जरूरतें, आबादी, और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की हकीकत अक्सर हाशिए पर रहीं, लेकिन अब दिल्ली उस खाली जगह को भरने जा रही है.

भारत का दावा: AI यूजर नहीं, AI नियम तय करने वाला देश

इस समिट के जरिए भारत का संदेश साफ है. AI को सिर्फ इस्तेमाल करने वाला बाजार नहीं, बल्कि AI के नियम, मॉडल और नैतिक ढांचे तय करने वाला देश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार Made in India, Made for the World के मंत्र को आगे बढ़ा रहे हैं और AI Impact Summit उसी रणनीति का विस्तार है.

यहां भारत तीन स्तरों पर नेतृत्व दिखाना चाहता है

  • पॉलिसी लीडरशिप AI के लिए समावेशी और व्यावहारिक नियम
  • टेक्नोलॉजी लीडरशिप जनसंख्या-स्तर पर लागू AI मॉडल
  • मोरल लीडरशिप AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए, नियंत्रण के लिए नहीं

पश्चिम बनाम ग्लोबल साउथ: AI सत्ता का शिफ्ट

AI पर मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में डेटा पश्चिम के पास है जबकि कंप्यूटिंग ताकत चुनिंदा देशों के पास है और नियम वही तय करते हैं जिनके पास संसाधन हैं. भारत इस समीकरण को चुनौती दे रहा है. भारत का तर्क है कि AI के सबसे बड़े उपयोगकर्ता ग्लोबल साउथ में हैं. AI का असर सबसे ज़्यादा गरीब, ग्रामीण और विकासशील समाजों पर पड़ेगा. इसलिए नियम भी उन्हीं की भागीदारी से बनने चाहिए. दिल्ली समीट इसी सोच को अंतरराष्ट्रीय मंच देने की कोशिश है.

India AI Impact Summit में किन मुद्दों पर होगी असली बहस

  • इस समिट का फोकस केवल हाई-एंड रिसर्च नहीं, बल्कि AI का ज़मीनी असर है.
  • AI और रोज़गार: ऑटोमेशन बनाम नए अवसर
  • AI और शासन: हेल्थ, एजुकेशन, सोशल वेलफ़ेयर में उपयोग
  • AI और लोकतंत्र: डीपफ़ेक, मिसइन्फ़ॉर्मेशन, चुनावी जोखिम
  • AI और ग्लोबल साउथ: लो-कॉस्ट, स्केलेबल समाधान
  • AI गवर्नेंस: एथिक्स, डेटा सुरक्षा और जवाबदेही

भारत का जोर सेफ़्टी ओनली से आगे बढ़कर इम्पैक्ट + इन्क्लूज़न पर है.

भारत का स्ट्रेंथ क्या है इस AI रेस में?

भारत के पास तीन ऐसे हथियार हैं जो उसे विशिष्ट बनाते हैं.डिजिटल पब्लिक इंफ़्रास्ट्रक्चर, आधार, UPI, डिजिलॉकर जैसे सिस्टम, जहां टेक्नोलॉजी करोड़ों लोगों तक पहुंची है.स्केल और डाइवर्सिटी, AI मॉडल जो भारत में काम करते हैं, वे दुनिया के किसी भी हिस्से में लागू हो सकते हैं, नॉन-अलाइन टेक अप्रोच न अमेरिका-केंद्रित, न चीन-केंद्रित-बल्कि उपयोगकर्ता-केंद्रित AI होनी चाहिए. यही वजह है कि भारत खुद को AI का ब्रिज-बिल्डर के रूप में पेश कर रहा है.

भू-राजनीति में AI: दिल्ली क्यों अहम है

AI अब सिर्फ़ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि आर्थिक ताक़त, सैन्य क्षमता, सूचना नियंत्रण और रणनीतिक प्रभुत्व का सवाल बन चुका है. ऐसे में भारत की राजधानी में यह बहस होना चाहिए. AI को केवल शक्ति का औजार नहीं, बल्कि वैश्विक सार्वजनिक भलाई के साधन के रूप में देखने की कोशिश है.

दिल्ली समिट क्या तय कर सकती है?

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से यह तय होगा कि क्या AI के नियम सिर्फ़ विकसित देशों द्वारा लिखे जाएंगे? या ग्लोबल साउथ भी उस टेबल पर बैठेगा जहां भविष्य तय होता है? भारत इस समिट के जरिये यह संकेत दे रहा है कि 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी की नैतिक दिशा अब सिर्फ पश्चिम तय नहीं करेगा.

अगर AI भविष्य की भाषा है, तो भारत चाहता है कि उस भाषा का व्याकरण भी समावेशी, लोकतांत्रिक और वैश्विक हो. India AI Impact Summit 1920 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित होगा, और यह पहला ग्लोबल AI शिखर सम्मेलन है जो ग्लोबल साउथ में हो रहा है.

100 से अधिक देशों के एक्सपर्ट को न्योता

भारत ने इस समिट में 100 से अधिक देशों के नेताओं, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग के प्रमुखों को आमंत्रित किया है, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron समेत कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है, और 100 से अधिक वैश्विक सीईओ और तकनीकी नेताओं (जैसे Google, Nvidia, Qualcomm जैसे प्रमुख कंपनियों के प्रमुख) की उपस्थिति संभावित बताई जा रही है.

यह सभा न केवल तकनीकी और नीतिगत संवाद का मंच बनेगी, बल्कि भारत को ‘AI नियमों और दिशा निर्धारण’ में वैश्विक भूमिका निभाने का अवसर भी देगी, जिससे AI पर पश्चिमी वर्चस्व से हटकर इंक्लूसिव, ग्लोबल साउथ केंद्रित विमर्श को मजबूती मिलेगी.

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     खंडवा में धारा 163 लागू: बिना अनुमति रैली और जुलूस पर प्रतिबंध, 5 अप्रैल तक रहेंगे सख्त नियम     |     Eastern Nagaland Peace Pact: नागालैंड में खत्म हुआ गतिरोध; गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कैसे बनी ENPO के साथ बात     |     Greater Noida Crime News: 30 मेडल विजेता शूटर शिवम ठाकुर की कार पर हमला; बदमाशों ने पीछा कर गोलियां चलाईं, बाल-बाल बचे     |     Delhi CM Rekha Gupta on Pollution: प्रदूषण के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार; सीएम रेखा गुप्ता का ‘AAP’ पर बड़ा सियासी हमला     |     Salman Khan Jaipur Court Appearance: कल जयपुर की अदालत में पेश होंगे सलमान खान, जानें किस पुराने मामले में बढ़ा सस्पेंस     |     Rahul Gandhi Slams PM Modi: “सवालों से इतनी घबराहट?” पीएम मोदी के राज्यसभा भाषण पर राहुल गांधी का तीखा पलटवार     |     Bikram Majithia vs Punjab DGP: “मेरा एनकाउंटर हुआ तो पंजाब DGP होंगे जिम्मेदार”, बिक्रम मजीठिया ने लगाए गंभीर आरोप     |     Drone Sighting in Punjab Villages: पंजाब के कई गांवों में आसमान में दिखे संदिग्ध ड्रोन, लोगों में दहशत, पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन     |     Punjab Lawyers Strike: पंजाब भर के वकील 3 दिन की हड़ताल पर, अदालतों में काम बंद; जानें क्या है पूरा मामला     |     District Administration Strict Action: नशा तस्करी और गौ-वंश की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने लागू की नई पाबंदियां     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें