1 अप्रैल के बाद समझौता शुल्क 40 फीसदी अधिक देना होगा

भोपाल । प्रदेशभर में अनुमति से अधिक बने मकानों को वैध करने के लिए कंपाउंडिंग (समझौता शुल्क)अभियान चलाया जा रहा है। कंपाउंडिंग की दरों में एक अप्रैल से 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने वाली है। अप्रैल में जारी होने वाली कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से राशि में 20 प्रतिशत कंपाउंडिंग दर में बढ़ोत्तरी की जाएगी। साथ ही शासन द्वारा दी जा रही 20 फीसदी छूट भी खत्म हो जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश में बिना परमिशन बने बिल्डिंग के अवैध हिस्से को वैध कराने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग पहल कर रहा है। इस अवैध हिस्से को कंपाउंडिंग शुल्क देकर वैध कराया जा सकता है। इसके लिए 28 फरवरी तक आवेदन करना होगा। यानी अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए 9 दिन बाकी बचे हैं। कुल निर्माण का 30 प्रतिशत तक हिस्सा वैध कराया जा सकता है। सरकार कंपाउंडिंग शुल्क में 20 प्रतिशत तक की छूट भी दे रही है।

28 फरवरी तक चलेगी प्रक्रिया
15 से 31 जनवरी के बीच निकाय ने लोगों को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं छूट के बारे में बताया। 28 फरवरी तक यह प्रक्रिया चलेगी। लोगों को अपने अवैध हिस्से को वैध कराने के लिए संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद में आवेदन करना होगा। निर्धारित एफएआर से अधिक निर्माण होने पर तय गाइडलाइन की 5 प्रतिशत राशि चुकाकर 10 प्रतिशत निर्माण वैध होगा। वहीं, 10 से 20 प्रतिशत तक 7.5 प्रतिशत और 20 से 30 प्रतिशत निर्माण वैध कराने के लिए 10 प्रतिशत राशि कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से चुकानी होगी। इस राशि में सरकार 20 प्रतिशत की छूट दे रही है।

कंपाउंडिंग शुल्क का यह गणित
आपका घर यदि भोपाल के बावडिय़ा कला क्षेत्र में है। एक हजार वर्ग फीट पर कुल निर्माण किया है। इसमें 700 वर्ग फीट का निर्माण विधिवत अनुमति लेकर किया हुआ है, शेष 300 वर्ग फीट अवैध रूप से बना रखा है, तो नगर निगम ऐसे हिस्से को तोड़ सकता है। हालांकि अब नई व्यवस्था कर दी गई है। कुल निर्माण के 30 प्रतिशत हिस्से में यदि अवैध निर्माण है तो आप इसे वैध करा सकते हैं। एक हजार वर्ग फीट जमीन की स्टाम्प ड्यूटी करीब ढाई लाख रुपए बनती है। यदि इस मकान का 300 वर्ग फीट हिस्सा अवैध है, तो इस हिस्से को वैध कराने के लिए कंपाउंडिंग फीस 80 हजार रुपए बनती है। चूंकि अभी फीस पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। ऐसे में 16 हजार रु. बचाकर 64 हजार रुपए में ही 300 वर्ग फीट का अवैध निर्माण वैध कराया जा सकता है।

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