लुधियाना नगर निगम FNCC चुनाव में बड़ा बदलाव: हाथ खड़े करवाकर नहीं होगा मतदान, आज सिर्फ नामांकन; विधायकों के बेटों पर घमासान
लुधियाना (पंजाब): नगर निगम लुधियाना में फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (FNCC) के दो सदस्यों के चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। गुरुनानक भवन में आयोजित पार्षदों की बैठक में अब सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक, पहले से निर्धारित ‘शो ऑफ हैंड’ (हाथ खड़े करवाकर मतदान) की प्रक्रिया को ऐन वक्त पर बदल दिया गया है।
बैठक के दौरान FNCC सदस्य पद के इच्छुक पार्षदों से केवल नामांकन पत्र (Nomination Forms) प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी) होगी और उम्मीदवारों को आधिकारिक रसीद जारी की जाएगी। इसके उपरांत बैलेट पेपर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। वास्तविक मतदान के लिए अगली बैठक 29 अगस्त के आसपास बुलाए जाने की संभावना है।
⚔️ सियासी खींचतान के कारण बदला पैटर्न: विधायकों के बेटों के मनोनयन से शुरू हुआ था विवाद
विवाद का इतिहास और विपक्षी पार्षदों का विरोध:
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24 जून का आदेश: इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मेयर द्वारा दो विधायकों के बेटों को सीधे FNCC का सदस्य मनोनीत करने के आदेश जारी किए गए थे।
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विपक्ष का कड़ा विरोध: कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा सहित करीब 45 पार्षदों ने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र सौंपकर कड़ा विरोध जताया। विपक्ष का तर्क था कि नियमों के तहत FNCC सदस्यों का चुनाव जनरल हाउस में पार्षदों के मतदान से होना चाहिए।
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अधिकारों पर टकराव: मेयर पक्ष ने 24 मार्च की जनरल हाउस बैठक में मिले अधिकारों का हवाला दिया, जिसे विपक्ष ने गैर-कानूनी और मनमाना करार दिया।
⚖️ मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद रद्द हुआ था पुराना प्रस्ताव
अदालती हस्तक्षेप और प्रशासनिक कार्रवाई:
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हाईकोर्ट से रिपोर्ट तलब: विपक्षी पार्षदों के अदालत जाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।
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प्रस्ताव हुआ निरस्त: अदालत की सख्त टिप्पणी और कानूनी पेचदगियों के बाद सरकार ने 24 मार्च के विवादित प्रस्ताव को निरस्त कर दिया, जिसके बाद दोनों विधायकों के बेटों को पद से त्यागपत्र देना पड़ा।
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समय-सीमा में बदलाव: पूर्व में चुनाव 11 सितंबर को तय था, किंतु विकास कार्यों में रुकावट का हवाला देकर निगम की अर्जी पर हाईकोर्ट ने 25 अगस्त को चुनाव प्रक्रिया की अनुमति प्रदान की थी।
🔥 सत्ताधारी पार्षदों में ही फूटा असंतोष, क्रॉस वोटिंग के डर से टला मतदान
बैठक में भारी हंगामा और संभावित रणनीति:
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उम्मीदवारी पर बगावत: मेयर द्वारा बुलाई गई आंतरिक बैठक में विधायकों के बेटों को पुनः FNCC उम्मीदवार बनाने की चर्चा पर सत्ताधारी दल के ही कई पार्षदों ने खुले तौर पर मोर्चा खोल दिया।
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सहमति बनाने के प्रयास विफल: देर रात तक नाराज पार्षदों को मनाने की कवायद चलती रही, किंतु आंतरिक गतिरोध समाप्त नहीं हो सका।
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सीक्रेट बैलेट की ओर कदम: बगावत और संभावित क्रॉस वोटिंग के खतरे को भांपते हुए सीधे मतदान को टालकर पहले चरण में केवल नामांकन और स्क्रूटनी कराने का निर्णय लिया गया, ताकि अगली बैठक तक अंदरूनी समीकरण साधे जा सकें।