ट्रंप टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव! ग्रोथ में सुस्ती की आशंका व्यापार By Nayan Datt On Aug 29, 2025 दुनिया इन दिनों ट्रंप टैरिफ से जूझ रही है. दूसरी बार सत्ता में आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सारी दुनिया को आयात शुल्क की जद में धकेल दिया है, जिसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर धीरे-धीरे पड़ना शुरू हो गया है. शुक्रवार, 29 अगस्त को भारत में वित्त-वर्ष 2025-26 की पहली अप्रैल-जून तिमाही के जीडीपी के आंकड़े आने हैं. ऐसी आशंका है कि उसमें थोड़ा दबाव दिख सकता है. ग्रोथ में सुस्ती के संकेत मिल सकते हैं. यह भी पढ़ें क्या महंगी होने वाली है चांदी? 3 दिन बाद बदलने वाला है ये… Aug 28, 2025 इलेक्ट्रिक कारों से चमकेगा भारत, 5 साल में जापान-कोरिया को… Aug 27, 2025 कमजोर शहरी मांग और प्राइवेट इंवेस्टमेंट ग्रोथ में सुस्ती का असर GDP के आंकड़ों पर दिख सकता है. हालांकि, कुछ एक्सपर्ट का यह भी मानना है. जीडीपी पर टैरिफ का ज्यादा नकारात्मक असर दूसरी तिमाही में दिख सकता है क्योंकि उसमें पूरी तरीके से एक्सपोर्ट के डेटा का आकलन किया जा सकेगा. अमेरिका ने बीते 27 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिससे भारत पर कुल इंपोर्ट टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया है. कितना है ग्रोथ का अनुमान रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक, अप्रैल-जून क्वार्टर में भारत की GDP ग्रोथ लगभग 6.7% रहने का अनुमान है, जबकि पिछले तीन महीनों में ये 7.4% थी. यानी ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है. फिर भी, भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमीज में से एक है. वहीं, रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि पूरे साल की ग्रोथ करीब 6.5% रहेगी. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का कहना है कि अमेरिका के नए टैरिफ का असर भारत की इकॉनमी पर बहुत कम यानी न्यूनतम होगा. आने वाली तिमाही में GDP ग्रोथ? कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका लंबे समय तक टैरिफ बढ़ाता रहा, तो आने वाले क्वार्टर्स में भारत की ग्रोथ पर दबाव बढ़ सकता है. वजह ये है कि एक्सपोर्ट धीरे-धीरे स्लो हो रहा है और चीन के ऑप्शन के तौर पर इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग अपील उतनी मजबूत नहीं दिख रही है. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक एचएसबीसी की चीफ इकॉनमिस्ट प्रांजुल भंडारी का कहना है कि अगर ये हालात एक साल तक चले, तो भारत की GDP ग्रोथ करीब 0.7% पॉइंट तक कम हो सकती है. इसका सबसे बड़ा असर जॉब-इंटेंसिव सेक्टर्स जैसे ज्वेलरी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग पर पड़ेगा. Share