क्या नेपाल में इस्लाम धर्म का प्रचार कर रहा है तुर्की? अनाथालय पर रेड के बाद बैठी जांच विदेश By Nayan Datt On Aug 26, 2025 तुर्की अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, तुर्की राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दुगान पूरी दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ाने में लगे हुए हैं. तुर्की की एक ऐसी गतिविधि का पड़ोसी देश नेपाल में खुलासा हुआ है, जो भारत के लिए भी चिंता का सबब बन सकती है. संकेत मिले हैं कि 82 फीसद हिंदू आबादी वाले इस देश में तुर्की इस्लाम धर्म का प्रचार करने में लगा है. यह भी पढ़ें गले तक कर्ज में डूबा पाकिस्तान, अब क्यों मांग रहा ADB से 7… Aug 29, 2025 ईरान के लोग राजधानी तेहरान को छोड़ इन इलाकों में क्यों खरीद… Aug 28, 2025 नेपाली मीडिया के मुताबिक आव्रजन विभाग को लगभग एक महीने पहले सूचना मिली थी कि ललितपुर के धोबी घाट स्थित एक छात्रावास में अजीबोगरीब गतिविधियां हो रही हैं. बड़ी-बड़ी धार्मिक पुस्तकें लेकर विदेश यात्रा करने वाले लोग लगातार आ रहे हैं. जब ये जानकारी विभाग के अधिकारियों तक पहुंची थी, तो उनके कान खड़े हो गए. आव्रजन महानिदेशक राम चंद्र तिवारी ने कहा, “यह निगरानी करना हमारी ज़िम्मेदारी है कि विभिन्न प्रकार के वीज़ा पर नेपाल आए विदेशी लोग उनके अनुरूप गतिविधियां कर रहे हैं या नहीं. इसलिए सूचना मिलते ही हमने कड़ी निगरानी के लिए एक टीम तैनात कर दी.” अनाथालय में चल रहा था इस्लाम का प्रचार प्रारंभिक जांच से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग के निदेशक टीकाराम ढकाल के नेतृत्व में एक टीम बुधवार को संदिग्ध गतिविधि के स्थान पर पहुंची, जब पता चला कि किशोरों को इस्लाम का प्रचार करने के लिए छात्रावास में रखा जा रहा था. जब पुलिस और आव्रजन अधिकारी हिमालय शिक्षा और हितैषी समाज नामक बोर्ड लगे एक घर के गेट से अंदर दाखिल हुए, तो उन्होंने देखा कि कुछ बच्चों को कुरान पढ़ाया जा रहा है. मदरसों में आमतौर पर शिक्षा मंत्रालय की इजाजत से नेपाली पाठ्यक्रम के साथ कुरान भी पढ़ाया जाता है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वहां नेपाली पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया जाता था, सिर्फ धार्मिक ज्ञान दिया जाता था. वहां पढ़ने वाले कुछ छात्र हिंदू धर्म से भी जुड़े थे. गरीब परिवारों के बच्चों को दी जा रही इस्लामी शिक्षा जांच अधिकारियों ने बताया कि छात्रावास में रहने वाले कई बच्चे बिना मां-बाप या बेहद गरीब परिवारों से संबंध रखते थे. जांच एजेंसियों का कहना है वहां पढ़ाने वाले लोगों में से कुछ पर वर्क परमिट भी नहीं था और कुछ लोग इंडोनेशिया से भी थे. इस खुलासा होने के बाद नेपाल ने ऐसे लोगों के खिलाफ जांच बैठाई है, आने वाले समय में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है. Share