पटना। हाईकोर्ट ने बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डिवेलपमेंट आथोरिटी (बियाडा) को भूमि आवंटन से संबंधित 139 यूनिटों के लंबित मामलों पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ ने उमेश सर्विसिंग स्टेशन व अन्य के मामले पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी। बियाडा द्वारा आवंटित 494 यूनिटों का करार रद्द कर दिया था। इनमें से 139 यूनिटों के विवाद के संबंध में कोर्ट ने बियाडा को शीघ्र निर्णय लेने को कहा, ताकि इन यूनिटों में औद्योगिक क्रियाकलाप जारी हो सके। खंडपीठ के समक्ष महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया कि बियाडा 494 यूनिटों के आवंटन को रद्द किया था। कोर्ट ने 139 यूनिटों के लंबित मामलों पर बियाडा को निर्णय लेना है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि राज्य में औद्योगिक विकास व लोगों को रोजगार तभी ही मिलेगा, जब बियाडा की जमीन का सही तौर से उपयोग किया जाए। कोर्ट ने बियाडा के अधिवक्ता से पूछा कि राज्य में कुल कितने औद्योगिक इकायां हैं? इसपर उन्होंने बताया कि कुल 68 इकाइयां हैं।