मां- डिफेंडर, पिता- फॉर्च्यूनर और बेटा- बुलेट… बिहार में फिर आए अजब-गजब नाम से जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन बिहार By Nayan Datt On Aug 31, 2025 बिहार में अजीब-अजीब नामों से आय प्रमाण पत्र बनवाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कभी राक्षस, करप्शन तो कभी डॉगेश बाबू,कभी Kkkkkkk, कभी bbbbb नाम से आवेदन दिए जा रहे हैं. अब एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है. इस बार बिहार के गया में बुलेट नाम जाति प्रमाण पत्र बनाने का आवेदन दिया गया है. यानी डॉग, राक्षस के बाद अब बुलेट को भी जाति प्रमाण पत्र चाहिए. यह भी पढ़ें चुनाव आयोग काटेगा 3 लाख नाम, बांग्लादेश और नेपाल से बिहार आए… Aug 31, 2025 पीएम मोदी को अपशब्द कहने पर पटना में हंगामा, बीजेपी-कांग्रेस… Aug 29, 2025 बुलेट नाम से जाति प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदन में पिता का नाम फॉर्च्यूनर और माता का नाम डिफेंडर बताया गया है. इस आवेदन के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. ये आवेदन डोभी अंचल कार्यालय में दिया गया. डोभी अंचलाधिकारी की ओर से इस मामले को लेकर जानकारी देते हुए बताया गया कि अंचल कार्यालय, डोभी अन्तर्गत बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत संचालित RTPS काउंटर पर ऑनलाईन आवेदन किया गया है. इसकी जांच के बाद दो आवेदन पत्र संदिग्ध पाए गए हैं. आवेदक का नाम बुलेट-हवाझुझ 15 अगस्त को ये आवेदन दिया गया, जिसमें आवेदक का नाम बुलेट, पिता का नाम फॉर्चुनर, माता का नाम डिफेंडर के साथ गांव, पंचायत से लेकर पूरी जानकारी दी गई है. बुलेट नाम के आवेदन में ग्राम कोठवारा, पंचायत-पचरतन, डाकघर हरदवन, प्रखण्ड- डोभी, थाना- डोभी, जिला गयाजी बताया गया. यही नहीं मोबाईल नंबर और ईमेल आईडी तक दी गई है. ये आवेदन ऑनलाइन किया गया है. इसके साथ रॉयल एनफील्ड एक मोटरसाइकिल का फोटो लगाया गया है. इसके साथ ही एक आवेदन 19 अगस्त को ऑनलाइन दिया गया, जिसमें आवेदक का नाम हवाझुझ (HVHVJV NVJ), पिता का नाम किसी क्विज (HCCHJVV) माता का नाम भाव क्विज (JLVJV NVNM), ग्राम मुसेहना, वार्ड नं0-7, पंचायत-कुरमांवा, डाकघर कुरमांवा, प्रखंड डोभी, थाना बाराचट्टी, पिनकोड 824230, जिला-गयाजी और कुशल युवा कार्यक्रम के एक विज्ञापन की फोटो लगाई गई है. काम में बाधा डालने की कोशिश दोनों आवेदन की राजस्व कर्मचारी से जांच कराई गई. दोनों आवेदनों को देखकर ऐसा लगता है कि दोनों आवेदन जानबुझकर गलत मंशा से सरकार और सरकारी कर्मियों की छवि खराब करने के इरादे से की गई है. क्योंकि RTPS एक बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत संचालित है, जो एक लोक कल्याणकारी कार्यक्रम है. इसमें आमजन को सुचारू रूप से सुविधा मुहैया प्रदान की जाती है. ऐसे में काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की गई है. अंचलाधिकारी, डोभी ने दोनों आवेदनों में आवेदन करने वाले और अन्य शामिल व्यक्तियों की पहचान करते हुए केस दर्ज कराया है. Share