एनेस्थीसिया के डोज में 40 मिनट बिस्तर पड़ा रहा पेशेंट…प्रेमिका को बचाने के लिए नर्स से लड़ता रहा सर्जन विदेश By Nayan Datt On Aug 18, 2025 चीन में एक मशहूर सर्जन ने अपनी प्रेमिका के चक्कर में एक मरीज को आधे घंटे से अधिक समय तक बेहोशी की हालत में छोड़ दिया. सर्जन की प्रेमिका उसी अस्पताल में जूनियर डॉक्टर थी. सर्जन उसके बचाव में एक नर्स से भिड़ा रहा, इस दौरान पेशेंट एनेस्थीसिया के डोज में 40 मिनट तक बिस्तर पर पड़ा रहा. यह भी पढ़ें गले तक कर्ज में डूबा पाकिस्तान, अब क्यों मांग रहा ADB से 7… Aug 29, 2025 ईरान के लोग राजधानी तेहरान को छोड़ इन इलाकों में क्यों खरीद… Aug 28, 2025 जांच के बाद सर्जन को नौकरी से निकाल दिया गया है. यह मामला तब सामने आया जब चीन-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल में सर्जरी डिपार्टमेंट के डिप्टी चीफ शियाओ फेई पर उनकी पत्नी ने आरोप लगाए. पत्नी ने कहा कि फेई के हेल्थ सेक्टर के कई लोगों के साथ संबंध हैं. इनमें एक नर्स और जूनियर डॉक्टर के साथ बीजिंग हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ भी शामिल हैं. 5 संस्थानों के 19 अधिकारियों पर कार्रवाई मामले में 5 प्रतिष्ठित संस्थानों के कुल 19 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. जिन संस्थानों के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें चीन-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल, पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज, पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और बीजिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं. इन संस्थानों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का आदेश दिया गया है. 39 साल के सर्जन शियाओ ने कहा कि उनके निजी जीवन में समस्याएं थीं, लेकिन इसे लेकर उन्होंने इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती. इस घटना के बाद हॉस्पिटल मैनेजमेंट, पेशेवर नैतिकता और चीन के चिकित्सा संस्थानों में जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हॉस्पिटल मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया गया है. जूनियर डॉक्टर का लाइसेंस रद्द जूनियर डॉक्टर डोंग का भी लाइसेंस रद्द किया गया है. 20 साल की डोंग इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट है, उसने पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज के 4+4 प्रोग्राम के जरिए मेडिकल एजुकेशन के लिए दाखिला लिया था. यह प्रोग्राम नॉन मेडिकल ग्रेजुएट्स को सिर्फ 4 साल के डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की डिग्री देता है. पारंपरिक चीनी मेडिकल ट्रेनिंग फैसिलिटी के तहत डॉक्टर बनने के लिए कम से कम 10 साल की स्टडी और ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है. चीन की नेशनल हेल्थ कमीशन की जांच में पता चला कि डोंग को यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से डिग्री मिली थी, वह फर्जी थी. फर्जी डिग्री बनाने में कई नामी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के स्टाफ शामिल थे. 4+4 प्रोग्राम में बदलाव का आदेश इस घटना के बाद NHC ने 4+4 प्रोग्राम में बदलाव करने का आदेश दिया है. अब आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स के एजुकेशन सर्टिफिकेट्स की अच्छे से स्क्रीनिंग की जाएगी. घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. लोग इससे लेकर कार्टून और मीम्स भी शेयर कर रहे हैं. Share