15 वें वित्त योजना की राशि में 4 प्रतिशत का खेल

बिलासपुर । पिछले दिनों जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में बिल्हा जनपद पंचायत में 15 वें वित्त आयोग से मैटेरियल आपूर्ति करने वालें लोगों से राशि भुगतान के एवज में कमीशन लिए जाने का मुद्दा सामने आया। जिला पंचायत सभापति अंकित ने सवाल जवाब के दौरान कहा कि बिल्हा जनपद पंचायत के चंद सचिवों को विशेष अधिकार दिया गया है। 6 सचिवों को जनपद पंचयात के किसी भी सचिव, सरपंच के क्षेत्र में किए गए कार्यों की राशि भुगतान करने का अधिकार है। चुनिंदा सचिव राशि भुगतान से पहले मैटेरियल सप्लायर से चार प्रतिशत कमीशन मांगते हैं। सवाल है कि किसने और किसके आदेश पर 121 सचिवों के अधिकार को 6 सचिवों को दिया गया है। और कमीशन लेने की अनुमति किसने दिया है।
कमीशनखोरी का उठा मुद्दा- पिछले दिनों जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने सवाल उठाया कि बिल्हा जनपद पंचायत में 15 वें वित्त योजना की राशि में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। गंभीर सवाल पर अधिकारियों ने क्या कुछ कदम उठाया। यह तो भविष्य में पता चलेगा। बावजूद इसके कमीशनखोरी का धंधा आज भी बिल्हा जनपद पंचायत में धड़ल्ले से चल रहा है।
कुल 127 सचिवों का काम- बताते चलें कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की तरह बिल्हा जनपद पंचायत के लिए भी शासन ने पन्द्रहवे वित्त योजना में करीब 30 करोड़ राशि आवंटित किया है। राशि को जनहित में खर्च किया जाना है। नियमानुसार राशि का सबसे ज्यादा हिस्सा सरपंच के खाते में जाता है। इसके बाद बची हुई राशि का जनहित में उपयोग करने का अधिकार जिला और जनपद पंचायत सदस्यों को होता है।
राशि का प्रयोग समय समय पर जनप्रतिनिधियों की मांग पर जनहित में मूलभूत सुविधाओं पर होता है। बिल्हा जनपद पंचायत में कुल 127 सचिव,सरपंच हैं। क्षेत्र में कराए गए काम के एवज में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनुमति पर सचिव राशि का भुगतान मैटेरियल सप्लायर के खाते में आनलाइन करता है।  ऊपर का आदेश बिल्हा जनपद पंचायत में राशि भुगतान के आनलाइन खेल में आफलाइन का गोरखधंधा चल रहा है। कुल 127 सचिवों में से 121 सचिवों का डीएससी उपयोग ही नहीं हो रहा है। दरअसल पूरे क्षेत्र को एक आदेश के जरिए 6 सेक्टर में बांटा गया है। स्थानीय आदेश के अनुसार पूरे क्षेत्र को 6 सेक्टर में बांट कर भुगतान की जिम्मेदारी  6 सचिवों को दिया गया है।  जब भी मैटेरियल सप्लायर या ठेकेदार राशि भुगतान की मांग करता है। चुनिन्दा सचिव पहले चार प्रतिशत की मांग करता है। विरोध करने पर स्पष्ट कहता है आदेश ऊपर से है।
ठेकेदार और सचिव ने की शिकायत
जानकारी देते चलें कि शासन का स्पष्ट आदेश है कि संबधित क्षेत्र के सचिव और जनप्रतिनिधि क्षेत्र अपने डोंगल से क्षेत्र में कराए गए काम के बाद राशि का भुगतान करेंगे। लेकिन बिल्हा जनपद पंचायत में शासन का आदेश कोई  मायने नहीं रखता है। राशि वितरण का अधिकार सिर्फ चहेते 6 सचिवों के पास है। बाकी सचिवों का डोंगल उपयोग में ही नहीं है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक ठेकेदार और उपेक्षित सचिवों ने जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
सामान्य सभा में सवाल..किसने दिया अधिकार
शिकायत को जिला पंचायत सभापति ने संज्ञान में लिया। अंकित गौरहा के विरोध पर तत्काल आदेश को वापस लिया गया। कमीशनखोरी की शिकायत नहीं थमने पर गौरहा ने  मुद्दा को जिला पंचायत सामान्य सभा में उठाया । सामान्य सभा में सवाल किया कि 121 सचिवों के अधिकार को समेटकर 6 सचिवों को किसने दिया। यह जानते हुए भी कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि मेटेरियल या मजदूरी का भुगतान ठेकेदार या समब्धित व्यक्ति  के खाते में आनलाइन संबधित क्षेत्र के सचिव को करना होगा।
दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मामले में जिला पंचायत संभापति ने कहा कि मामला गंभीर है। आदेश वापस लिए जाने के बाद भी चहेते सचिव चार प्रतिशत का खेल धड़ल्ले से खेल रहे हैं। अब तक लाखों करोड़ों का घोटाला हो चुका है। मामले में हम जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
सच्चाई का पता लगाएंगे
जिला पंचायत सभापति.हरीश ने बताया कि सच्चाई का पता लगाएंगे। मुद्दा उठाया गया है। जवाब भी सामान्य सभा की बैठक में पेश कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो मामले की जांच भी करेंगे।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     Sir Garfield Sobers: वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स का निधन, सचिन और विराट ने दी श्रद्धांजलि     |     Black Line on Nails: नाखूनों पर दिखने वाली काली लाइन को न करें इग्नोर, हो सकता है स्किन कैंसर का संकेत     |     Abhijeet Dipke Ink Attack: जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही     |     Heart Attack After Stent: क्या स्टेंट लगने के बाद भी आ सकता है हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स     |     Nail Polish Buying Tips: नेल पॉलिश खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान, जानें कौन से केमिकल होते हैं खतरनाक     |     Upcoming IPOs: शेयर बाजार में कमाई का शानदार मौका, अगले हफ्ते खुलेंगे 5 नए IPO, चेक करें डिटेल्स     |     Gold Rate Forecast: 6 हफ्ते बाद सस्ता हुआ सोना, जानें अब खरीदारी का सही समय है या नहीं     |     ICICI Bank Q1 Results: आईसीआईसीआई बैंक का शानदार प्रदर्शन, शुद्ध लाभ करीब 14% बढ़कर 15,440 करोड़ रुपये हुआ     |     Egg Price Hike: 9 रुपये तक पहुंचा एक अंडे का भाव, मक्का और सोयाबीन के महंगे होने से बढ़ी कीमतें     |     JK Cement Q1 Results: जेके सीमेंट का शुद्ध लाभ 15.3% घटा, लेकिन परिचालन आय में हुआ शानदार इजाफा     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें